कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। 7 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार, कंपनी ने कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग की मात्रा में एहतियातन कटौती करने का फैसला किया है। यह निर्णय तब लिया गया जब शिपिंग में आ रही दिक्कतों के कारण कुवैत के तेल स्टोरेज टैंक अपनी पूरी क्षमता तक भर गए। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कदम रिस्क मैनेजमेंट का हिस्सा है ताकि कामकाज को सुरक्षित तरीके से जारी रखा जा सके।

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कर्मचारियों के लिए काम के घंटों और उपस्थिति में बदलाव

सुरक्षा हालात को देखते हुए KPC ने अपने कर्मचारियों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। 2 मार्च से प्रभावी हुए एक सर्कुलर के मुताबिक, अब दफ्तरों में गैर-जरूरी स्टाफ की उपस्थिति (Attendance) को सीमित करके सिर्फ 30% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि ज्यादातर कर्मचारी अब कम संख्या में ही ऑफिस आएंगे।

इसके अलावा, काम के समय (Work Hours) में भी बदलाव किया गया है। अब शिफ्ट का समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक रहेगा, जो रमजान और सुरक्षा प्रोटोकॉल दोनों के हिसाब से तय किया गया है। हालांकि, जरूरी काम देखने वाले स्टाफ और मैनेजरों को हर दिन साइट पर मौजूद रहना होगा ताकि काम में कोई रुकावट न आए।

तेल की कीमतों में उछाल और आम जनता पर असर

इस फैसले और क्षेत्रीय तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। कुवैती क्रूड का भाव 5.67 डॉलर बढ़कर 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं Brent Crude की कीमत भी उछलकर 93.04 डॉलर हो गई है।

आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि KPC के CEO शेख नवाफ सऊद अल-नासिर अल-सबाह ने भरोसा दिया है कि स्थानीय बाजार के लिए पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि घरेलू सप्लाई पर एक्सपोर्ट में की गई कटौती का कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, किसी भी डिजिटल खतरे से बचने के लिए साइबर सुरक्षा सिस्टम को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.