कुवैत के हवाली इलाके में पुलिस ने फोन हैकिंग और बैंक धोखाधड़ी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक कुवैती नागरिक और एक सीरियन निवासी को गिरफ्तार कर पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के हवाले किया गया है। ये लोग लोगों के फोन का कंट्रोल लेकर उनके बैंक खातों से पैसे चुरा रहे थे।
जांच में पता चला कि ये दोनों आरोपी एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा थे, जो किसी दूसरे अरब देश से काम कर रहा था। ये लोग स्थानीय फोन नंबरों से लोगों को खतरनाक लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई उस लिंक पर क्लिक करता था, हमलावरों को मोबाइल का पूरा कंट्रोल मिल जाता था। इसके बाद वे बिना OTP के ही बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया कि वे चोरी के पैसों से इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते थे और फिर उन्हें बेचकर पैसों की हेराफेरी करते थे। इस नेटवर्क ने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया था। साइबर क्राइम डिपार्टमेंट ने हवाली पुलिस के साथ मिलकर इन आरोपियों को पकड़ा है।
बैंकों और सरकार ने उठाए कड़े कदम
इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) और कुवैत बैंकिंग एसोसिएशन (KBA) ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है। सेंट्रल बैंक के निर्देश पर अब एक एडवांस वर्चुअल ऑपरेशंस सिस्टम लागू किया गया है, जिसे एक रियल टाइम वॉर रूम की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। यह सिस्टम संदिग्ध लेनदेन पर नजर रखेगा और तुरंत उसे रोकने में मदद करेगा।
बैंकों ने ‘Let’s Be Aware’ नाम से जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। अधिकारियों ने लोगों के लिए कुछ जरूरी हिदायतें जारी की हैं:
- अंजान लिंक: किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें।
- OTP की सुरक्षा: अपना ओटीपी या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- डिवाइस अपडेट: अपने मोबाइल फोन और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें।
- तुरंत रिपोर्ट: बैंक खाते में कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत अधिकारियों को बताएं।