कुवैत में रहने वाले लोगों और खासकर रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए एक ज़रूरी चेतावनी आई है। सोशल मीडिया पर एक नई इन्वेस्टमेंट स्कीम को लेकर कई खबरें फैल रही हैं, जो पूरी तरह से फर्जी हैं। Public Institution for Social Security (PIFSS) ने साफ कर दिया है कि ऐसी किसी भी स्कीम से दूर रहें वरना आपका पैसा और निजी जानकारी चोरी हो सकती है।

क्या है यह पूरा मामला?

कुवैत के ArabTimes की रिपोर्ट के मुताबिक, PIFSS ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें एक नए निवेश प्रोग्राम की बात कही गई थी। यह स्कीम खास तौर पर रिटायर्ड लोगों और कर्मचारियों को अपना शिकार बनाने के लिए बनाई गई थी। सरकार ने इन दावों को भ्रामक और झूठा करार दिया है।

खुद को धोखाधड़ी से कैसे बचाएं?

PIFSS ने गवर्नमेंट कम्युनिकेशन सेंटर के जरिए लोगों को सख्त सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के साथ अपनी निजी जानकारी शेयर न करें। बैंक डिटेल्स या कोई भी फाइनेंशियल जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी सही अपडेट के लिए सिर्फ PIFSS के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ही भरोसा करें।

क्या पहले भी हुई हैं ऐसी कोशिशें?

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की धोखाधड़ी की कोशिश हुई है। PIFSS ने बताया कि इससे पहले जनवरी 2026 और मई 2024 में भी ऐसी ही फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर फैलाई गई थीं। जालसाज बार-बार नए तरीकों से लोगों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए सावधानी बरतना बहुत ज़रूरी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.