कुवैत सरकार इन दिनों अपनी वित्तीय व्यवस्था को सुधारने में जुटी है। देश के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने FATF की शर्तों को पूरा करने के लिए हाई-लेवल मीटिंग की है। यह पूरी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि कुवैत को ‘ग्रे लिस्ट’ से बाहर निकाला जा सके और देश के बैंकिंग सिस्टम को और सुरक्षित बनाया जा सके।

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कुवैत FATF की ग्रे लिस्ट में क्यों आया?

फरवरी 2026 में FATF की एक मीटिंग हुई थी, जिसके बाद 14 फरवरी को आधिकारिक तौर पर कुवैत को ‘ग्रे लिस्ट’ (Jurisdictions under Increased Monitoring) में डाल दिया गया। इसका मतलब यह है कि कुवैत के मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग रोकने वाले नियमों (AML/CFT) में कुछ बड़ी कमियां पाई गई थीं। हालांकि, FATF ने यह भी माना कि कुवैत ने 2024 की अपनी रिपोर्ट के बाद कई सुधार किए हैं, लेकिन फिर भी कुछ जरूरी बदलाव बाकी थे।

सरकार अब क्या कड़े कदम उठा रही है?

प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने मार्च और अप्रैल 2026 में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में न्याय मंत्रालय, सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत, पब्लिक प्रॉसिक्यूशन और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (KFIU) के बड़े अधिकारी शामिल हुए। सरकार अब निम्नलिखित चीजों पर ध्यान दे रही है:

  • रियल एस्टेट और ज्वेलरी: प्रॉपर्टी एजेंटों और कीमती धातुओं के कारोबारियों से संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्ट मांगी जाएगी।
  • पैसों की जांच: सरहद पार होने वाले करेंसी मूवमेंट और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच और मुकदमे बढ़ाए जाएंगे।
  • बेनिफिशियल ओनरशिप: रजिस्टरों में मालिकाना हक की सही जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।

महत्वपूर्ण तारीखें और शामिल संस्थाएं

कुवैत सरकार इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही है।

तारीख/संस्था विवरण
11-13 फरवरी 2026 FATF की मीटिंग जिसमें कुवैत को ग्रे लिस्ट में डाला गया
14 फरवरी 2026 ग्रे लिस्ट में शामिल होने का आधिकारिक ऐलान हुआ
30-31 मार्च 2026 प्रधानमंत्री ने FATF की शर्तों पर हाई-लेवल मीटिंग की
30 अप्रैल 2026 KUNA ने पीएम द्वारा जारी निर्देशों और निगरानी की पुष्टि की
KFIU और MENAFATF नियमों को सख्त करने में मदद करने वाली मुख्य संस्थाएं

Frequently Asked Questions (FAQs)

FATF ग्रे लिस्ट में होने का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि उस देश की मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग रोकने वाली व्यवस्था में कुछ कमियां हैं और FATF उस देश की निगरानी बढ़ा देता है।

कुवैत इस लिस्ट से बाहर आने के लिए क्या कर रहा है?

कुवैत सरकार एक एक्शन प्लान पर काम कर रही है, जिसमें बैंकिंग नियमों को सख्त करना और संदिग्ध लेन-देन की निगरानी बढ़ाना शामिल है।