कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ग्रीस पहुंचे हैं। वह वहां पहले यूरोप-गल्फ जियोपॉलिटिकल और इन्वेस्टमेंट समिट में हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक का मकसद यूरोप और खाड़ी देशों के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना है।
कुवैत और यूरोपीय देशों के बीच किन क्षेत्रों में होगा सहयोग?
प्रधानमंत्री ने बताया कि कुवैत ऊर्जा (energy), निवेश (investment), बुनियादी ढांचे (infrastructure) और डिजिटल बदलाव (digital transformation) जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इस सहयोग में हाइड्रोजन उत्पादन, कार्बन मैनेजमेंट, लो-कार्बन फ्यूल और AI सप्लाई चेन जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही साइबर सिक्योरिटी और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम पर भी ध्यान दिया जाएगा।
क्षेत्रीय तनाव और समुद्री सुरक्षा पर क्या बात हुई?
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए राजनयिक कोशिशों को तेज करने की जरूरत बताई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मुद्दों पर बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया का व्यापार समुद्री रास्तों से बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
यूरोप-गल्फ समिट की मुख्य बातें
- यह समिट 15 से 17 मई 2026 तक ग्रीस में आयोजित की जा रही है।
- इस समिट का आयोजन अटलांटिक काउंसिल और एंटीना ग्रुप द्वारा किया गया है।
- इसमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान और IMF चीफ क्रिस्टालिना गेओर्गिएवा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
- इस फोरम का मकसद व्यापार के जरिए यूरोप और खाड़ी देशों को एक साथ लाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूरोप-गल्फ समिट कहां और कब आयोजित हो रही है?
यह समिट 15 से 17 मई 2026 तक ग्रीस में आयोजित की जा रही है, जिसमें कई यूरोपीय और खाड़ी देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं।
कुवैत इस समिट से क्या हासिल करना चाहता है?
कुवैत ऊर्जा, निवेश और डिजिटल तकनीक में सहयोग बढ़ाना चाहता है और समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय तनाव को कम करने पर जोर दे रहा है।