कुवैत में हाल ही में हुए सुरक्षा मामलों के बाद सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं. कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा ने 12 मार्च को जल, बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MEW) के नेशनल कंट्रोल सेंटर का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी हालात से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया. बीती रात ड्रोन के मलबे गिरने से कई इलाकों में बिजली कट गई थी जिसे अब पूरी तरह से ठीक कर लिया गया है.

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कुवैत में बिजली कटने का क्या था कारण?

कुवैत मंत्रालय के अनुसार 12 मार्च की आधी रात के बाद 6 पावर ट्रांसमिशन लाइन में अचानक खराबी आ गई थी. यह नुकसान हवा में मार गिराए गए ड्रोन के मलबे गिरने के कारण हुआ था. हालांकि इमरजेंसी टीमों ने तुरंत अपना काम शुरू किया और रिकॉर्ड समय में प्रभावित इलाकों में बिजली वापस चालू कर दी.

  • Al-Jahra, Al-Farwaniya और Capital Governorate के कुछ हिस्सों में बिजली बहाल कर दी गई है.
  • मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर फातिमा अब्बास जौहर हयात ने बताया कि बिजली और पानी के नेटवर्क पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं.
  • पूरे सिस्टम पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि आम लोगों को कोई दिक्कत न हो.

ईद की छुट्टियों को लेकर सरकार ने क्या नियम बनाए हैं?

सुरक्षा हालात को देखते हुए कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है. आने वाली ईद अल-फितर (Eid Al-Fitr) की छुट्टियों के दौरान किसी भी तरह के प्ले, कॉन्सर्ट और शादी समारोह पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में भीड़ को आसानी से कंट्रोल किया जा सके और लोगों की सुरक्षा पक्की की जा सके.

सरकार ने कुवैत में रहने वाले सभी नागरिकों और वहां काम कर रहे प्रवासियों से अपील की है कि वे सिर्फ सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें. किसी भी तरह की अफवाह या बिना पुख्ता की गई जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है.

बिजली और पानी के बिल में क्या बदलाव हुए हैं?

प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान बिजली और पानी के बिल या टैरिफ में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि मंत्रालय ने यह साफ किया है कि वे बिजली और पानी के बिलों के नियमों की समीक्षा कर रहे हैं.

इस समीक्षा का मुख्य फोकस कम आय वाले लोगों को राहत देना है. कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और आम लोगों के लिए यह एक अहम खबर है क्योंकि आने वाले समय में बिल के नियमों में राहत देखने को मिल सकती है.