कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबah रविवार को ग्रीस से अपने देश वापस लौट आए हैं। वह वहां पहले ‘यूरोपियन-गल्फ जियोपॉलिटिकल एंड इन्वेस्टमेंट समिट’ में कुवैत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य यूरोपीय देशों और खाड़ी देशों के बीच निवेश और आपसी संबंधों को और मजबूत करना था।

समिट में किन अहम मुद्दों पर बात हुई?

प्रधानमंत्री ने ग्रीस में आयोजित इस समिट के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कुवैत अब ऊर्जा, बुनियादी ढांचे (infrastructure) और डिजिटल बदलाव जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है।

  • आर्थिक कानून: कुवैत सरकार अपने आर्थिक कानूनों को अपडेट कर रही है ताकि विदेशी निवेश के लिए माहौल आसान और पारदर्शी हो सके।
  • ऊर्जा और व्यापार: वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने और समुद्री रास्तों के जरिए व्यापार को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।
  • क्षेत्रीय शांति: प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए आपसी राजनयिक प्रयासों को बढ़ाने की बात कही।

समिट की तारीखें और शामिल हुए बड़े नेता

यह समिट 14 मई से 17 मई 2026 तक ग्रीस की राजधानी एथेंस में आयोजित किया गया था। इसे अटलांटिक काउंसिल और एंटीना ग्रुप ने मिलकर आयोजित किया था। इसमें कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल-थानी और बहरीन के प्रतिनिधि शेख नासिर बिन हमद अल खलीफा भी शामिल हुए।

विवरण जानकारी
तारीख 14 से 17 मई 2026
स्थान एथेंस, ग्रीस
मुख्य प्रतिभागी कुवैत, कतर, बहरीन और यूरोपीय देश
आयोजक अटलांटिक काउंसिल और एंटीना ग्रुप

कुवैत पहुंचने पर किसका हुआ स्वागत?

प्रधानमंत्री के देश लौटने पर प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबाह ने उनका स्वागत किया। उनके साथ उप प्रधानमंत्री शरीदा अब्दुल्ला अल-मौशेरजी और रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी मौजूद थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह समिट कहाँ और कब आयोजित हुआ?

यह समिट 14 मई से 17 मई 2026 तक ग्रीस की राजधानी एथेंस में आयोजित किया गया था।

कुवैत इस समिट के जरिए किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है?

कुवैत ऊर्जा, निवेश, बुनियादी ढांचे और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय देशों के साथ साझेदारी बढ़ाना चाहता है।