कुवैत के प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Abdullah Al-Ahmad Al-Sabah ग्रीस पहुंचे हैं। वहां वह EU-Gulf Geopolitical and Investment Summit में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अब और ज्यादा कोशिशें करने की जरूरत है। उनका मानना है कि गल्फ और यूरोप की सुरक्षा एक दूसरे से जुड़ी हुई है।
Greece समिट में किन बातों पर हुआ जोर?
- यह समिट 14 से 17 मई 2026 तक Greece में चल रही है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मुद्दों पर तालमेल बिठाना जरूरी है ताकि दुनिया भर में व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
- उन्होंने शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए बातचीत, डिप्लोमेसी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन किया।
- अमीर Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al-Sabah ने प्रधानमंत्री को इस समिट में कुवैत की टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
ईरान की हरकतों पर कुवैत सरकार का क्या रुख है?
कुवैत की सरकार ईरान की तरफ से बढ़ रहे तनाव को लेकर काफी सतर्क है। 12 मई 2026 को कुवैत की कैबिनेट ने ईरान की हरकतों की कड़ी निंदा की और कहा कि देश को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है। कैबिनेट को Bubiyan Island पर घुसपैठ की कोशिश और कुवैत के हवाई क्षेत्र में ईरान के ड्रोन हमलों के बारे में जानकारी दी गई।
रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Salem Al-Sabah ने बताया कि कुवैत की सेना दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों पर नजर रख रही है। इससे पहले मार्च 2026 में भी प्रधानमंत्री ने साफ किया था कि कुवैत किसी युद्ध का हिस्सा नहीं है, लेकिन UN Charter के आर्टिकल 51 के तहत वह अपनी रक्षा करेगा। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने कतर, सऊदी अरब और UAE के साथ भी बातचीत की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत के प्रधानमंत्री Greece क्यों गए हैं?
प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Abdullah Al-Ahmad Al-Sabah 14 से 17 मई 2026 तक चलने वाली EU-Gulf Geopolitical and Investment Summit में हिस्सा लेने और क्षेत्रीय तनाव को कम करने पर चर्चा करने Greece गए हैं।
ईरान के साथ कुवैत का विवाद क्या है?
कुवैत ने Bubiyan Island पर घुसपैठ की कोशिश और अपने हवाई क्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है, जिसके बाद कुवैत की कैबिनेट ने ईरान की इन हरकतों की निंदा की है।
