कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने सुबिया पावर और वाटर डिस्टिलेशन स्टेशन का दौरा किया। सोमवार, 9 मार्च 2026 को ईरानी हमले के दौरान ड्रोन के मलबे से इस प्लांट के फ्यूल टैंक में आग लग गई थी। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री ने खुद मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की मेहनत की तारीफ की, जिन्होंने मुश्किल समय में भी बिजली और पानी की सप्लाई को रुकने नहीं दिया।

📰: Kuwait Govt Statement: कुवैत ने UN रिपोर्ट पर जताई कड़ी आपत्ति, ईरान की निंदा न होने पर उठाया सवाल

सुबिया पावर स्टेशन पर क्या हुआ था?

सोमवार की सुबह सुबिया पावर प्लांट के फ्यूल टैंक एरिया में अचानक आग लग गई।

यह आग ईरानी हमले के दौरान गिरे एक ड्रोन के मलबे की वजह से लगी थी।

इमरजेंसी और सेफ्टी टीमों ने बहुत ही कम समय में आग पर काबू पा लिया।

इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

आग लगने के बावजूद कुवैत में बिजली और पानी के नेटवर्क का काम बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चलता रहा।

सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?

प्रधानमंत्री के साथ बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. सबीह अल-मुखैजीम ने भी प्लांट का दौरा किया।

स्पेशल टीमों द्वारा प्लांट की मशीनों और उपकरणों की जांच की जा रही है ताकि सुरक्षा के सबसे ऊंचे मानकों को पूरा किया जा सके।

आसपास के क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए कुवैत की कैबिनेट लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

देश भर में अहम जगहों और सुविधाओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है।

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा हालात के बीच भी आम लोगों के लिए जरूरी सेवाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।