Kuwait: घर के अंदर चल रहा था फर्जी क्लिनिकल सेंटर, कुवैत पुलिस ने छापेमारी कर अज़रबैjani महिला को किया गिरफ्तार.

Nura Basta13 August 20262 min read60 viewsKuwait
Kuwait: घर के अंदर चल रहा था फर्जी क्लिनिकल सेंटर, कुवैत पुलिस ने छापेमारी कर अज़रबैjani महिला को किया गिरफ्तार.

कुवैत में प्रशासन ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है जहाँ देश के अंदर अवैध रूप से एक मेडिकल क्लिनिक चलाया जा रहा था। कुवैत के क्रिमिनल सिक्योरिटी सेक्टर ने एक अज़रबैजानी महिला को गिरफ्तार किया है जो अपने घर से ही चुपचाप यह गैरकानूनी धंधा चला रही थी। यह कार्रवाई देश में आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ एक कड़ा संदेश देती है।

जबर अल अहमद सिटी में चल रहा था अवैध खेल

मिली जानकारी के मुताबिक यह अवैध क्लिनिक जाबेर अल अहमद सिटी में एक निजी रेजिडेंस के अंदर चलाया जा रहा था। इस गैरकानूनी काम का खुलासा जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के एंटी-काउंटरफेडिंग एंड फॉरgery डिपार्टमेंट ने किया। आरोपी महिला बिना किसी आधिकारिक अनुमति या लाइसेंस के लोगों का मेडिकल कंसल्टेशन, फिजिकल एग्जामिनेशन और जड़ी-बूटियों से तैयार किए गए मिक्सचर यानी हर्बल दवाइयां बेच रही थी।

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सरकारी डॉक्टर की मदद से जारी होता था फर्जी सिक लीव

जांच के दौरान यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि आरोपी महिला अकेले यह काम नहीं कर रही थी। वह कथित तौर पर एक सरकारी अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर के साथ मिलकर मरीजों को फर्जी और अनधिकृत सिक लीव सर्टिफिकेट यानी बीमारी की छुट्टी का प्रमाण पत्र जारी करती थी। यह एक गंभीर मामला था जिसमें सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान मिला कैश और मेडिकल सामान

प्रशासन ने एक कानूनी रूप से अधिकृत छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में सामान बरामद किया। पुलिस ने क्लिनिक से मेडिकल इक्विपमेंट, हर्बल मिक्सचर बनाने में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्री और डिजिटल सबूत जब्त किए। जब्त किए गए सामान में एक आईपैड और एक कंप्यूटर भी शामिल है जिसमें मरीजों का पूरा ब्योरा दर्ज था। इसके अलावा अधिकारियों ने मौके से 11,651 कुवैती दीनार (KD) नकद और अन्य विदेशी मुद्राएं भी अपने कब्जे में लीं।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला और बरामद किए गए सभी सबूतों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रोसिक्यूटर के पास भेज दिया गया है। गृह मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह के छापे कड़े मेडिकल नियमों को लागू करने और जनस्वास्थ्य की रक्षा करने के हमारे व्यापक अभियान का हिस्सा हैं। यह घटना गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के उन लगातार प्रयासों को दर्शाती है जिनका मकसद सभी अवैध चिकित्सा प्रथाओं को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि देश में मिलने वाली सभी स्वास्थ्य सेवाएं तय कानूनी और पेशेवर मानकों के मुताबिक हों।

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