कुवैत के सिविल सर्विस कमीशन (CSC) ने सरकारी विभागों के लिए नए नियमों का ऐलान किया है। रमजान खत्म होने के बाद अब सरकारी दफ्तरों में सिर्फ 30 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यह फैसला मौजूदा क्षेत्रीय स्थितियों को देखते हुए लिया गया है ताकि सरकारी काम सुचारू रूप से चलता रहे। यह नियम 2 मार्च 2026 से लागू किया गया है और अगले आदेश तक इसी तरह जारी रहेगा।

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क्या है 30% अटेंडेंस का नया नियम

नए आदेश के मुताबिक हर सरकारी विभाग को 30 प्रतिशत की लिमिट के अंदर अपने कर्मचारियों की ड्यूटी तय करनी होगी। अगर किसी विभाग को ज्यादा स्टाफ की जरूरत होती है, तो उन्हें इसके लिए सिविल सर्विस कमीशन से अनुमति लेनी होगी। इस नियम के तहत एजेंसियों को यह अधिकार है कि वे कर्मचारियों को हफ्ते भर के लिए बुलाएं, रोटेशन के आधार पर काम कराएं या उन्हें वर्क फ्रॉम होम का विकल्प दें। शाम की शिफ्ट को फिलहाल पूरी तरह से रोक दिया गया है, लेकिन जो कर्मचारी पहले से शिफ्ट सिस्टम में काम कर रहे हैं उनकी नौकरी पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

काम के घंटे और फिंगरप्रिंट हाजिरी

वर्किंग ऑवर को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। रमजान के दौरान कर्मचारियों ने रोजाना 4.5 घंटे काम किया था, लेकिन रमजान के बाद के लिए कोई फिक्स 6 घंटे की शिफ्ट तय नहीं की गई है। विभाग अपनी पुरानी शिफ्ट व्यवस्था के अनुसार ही काम करेंगे।

  • दफ्तर आने वाले सभी कर्मचारियों की हाजिरी फिंगरप्रिंट सिस्टम के जरिए ही दर्ज की जाएगी।
  • जिन कर्मचारियों को ऑफिस आने से आधिकारिक छूट मिली है, उनके घर पर रहने के समय को भी ड्यूटी ही माना जाएगा।
  • यह सर्कुलर (नंबर 4/2026) कुवैत के डिप्टी प्रधानमंत्री Shareedah Al-Mousherji के निर्देश पर जारी किया गया है।

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह जानना जरूरी है कि अगर वे किसी सरकारी काम से दफ्तर जा रहे हैं, तो स्टाफ कम होने के कारण उनके काम में थोड़ा समय लग सकता है।