कुवैत में ईरान की ओर से आए ड्रोन और मिसाइलों को जब एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोका, तो उनके मलबे से बिजली ग्रिड को नुकसान पहुंचा है। मंगलवार सुबह सात बड़ी बिजली लाइनें खराब हो गईं, जिसकी वजह से कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। हालांकि, सरकार ने तुरंत कदम उठाए ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मंगलवार सुबह सात ओवरहेड पावर ट्रांसमिशन लाइनें काम करना बंद कर गईं। यह नुकसान उन ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के मलबे से हुआ, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने बीच में ही मार गिराया था। कुछ जगहों पर बिजली गई जरूर, लेकिन इमरजेंसी बैकअप और लोड मैनेजमेंट की वजह से पानी और बिजली की सप्लाई काफी हद तक चालू रही।
मरम्मत का काम तुरंत शुरू कर दिया गया और मंत्रालय के मुताबिक सात में से चार लाइनों को ठीक कर लिया गया। टेक्निकल टीमें अभी भी सुरक्षा जांच कर रही हैं ताकि बाकी लाइनों को भी दुरुस्त किया जा सके। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ। लेकिन, कुवैत आर्मी हेडक्वार्टर ने लोगों को अलर्ट रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पिछले एक महीने में कुवैत के बुनियादी ढांचे पर कई हमले हुए हैं। इससे पहले Doha West कॉम्प्लेक्स, Mina Al Ahmadi और Mina Abdullah रिफाइनरी के साथ-साथ Kuwait International Airport के फ्यूल स्टोरेज पर भी हमले हुए थे। ग्रिड की हालत पहले से ही कमजोर है क्योंकि बिजली बनाने वाले प्लांट पुराने हो चुके हैं। साल 2021 में बिजली क्षमता 20.25GW थी, जो अब गिरकर 19.63GW रह गई है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि वे अमेरिका द्वारा ईरान के पावर ग्रिड पर किए गए कथित हमलों का बदला ले रहे हैं, इसी वजह से वे गल्फ देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहे हैं।
