कुवैत में बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वहां की सात प्रमुख बिजली लाइनों में खराबी आने के कारण कई इलाकों में अचानक अंधेरा छा गया है। बिजली मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह समस्या हवाई रक्षा कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे की वजह से हुई है। फिलहाल राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचकर मरम्मत के काम में जुटी हुई हैं ताकि सप्लाई दोबारा शुरू की जा सके।

बिजली गुल होने की असल वजह क्या है?

24 मार्च 2026 को कुवैत के आसमान में रक्षा प्रणालियों द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान मलबे के टुकड़े सात ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों पर जा गिरे। मंत्रालय की आधिकारिक प्रवक्ता Engineer Fatima Abbas Jawhar Hayat ने बताया कि इसी मलबे के कारण लाइनें सेवा से बाहर हो गई हैं। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद तकनीकी टीमों ने तुरंत काम शुरू कर दिया है। यह समस्या मुख्य रूप से ट्रांसमिशन नेटवर्क को हुए भौतिक नुकसान की वजह से आई है।

क्या बिजली और पानी की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा?

मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में बिजली पैदा करने वाले स्टेशन और पानी साफ करने वाले प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। सिस्टम की कार्यक्षमता अभी भी बहुत अच्छी बनी हुई है और उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है। केवल वितरण लाइनों में आई खराबी को ठीक किया जा रहा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें।

पिछले कुछ हफ्तों में हुई घटनाओं का रिकॉर्ड

तारीख घटना और प्रभाव
24 मार्च 2026 7 ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनें खराब हुईं, मरम्मत जारी
12 मार्च 2026 6 लाइनों में खराबी आई थी जिसमें से 3 बहाल की गईं
9 मार्च 2026 8वीं बिजली ट्रांसमिशन लाइन की मरम्मत पूरी हुई
1 मार्च 2026 ड्रोन मलबे की वजह से कई बिखरे हुए इलाकों में ब्लैकआउट हुआ
28 फरवरी 2026 दक्षिण कुवैत में दो ट्रांसमिशन लाइनें बाधित हुईं
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com