Kuwait में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को एक पावर और पानी डिस्टिलेशन प्लांट पर हमला हुआ। इस हमले के कारण प्लांट में भीषण आग लग गई और बिजली बनाने वाली कई यूनिट्स बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। Kuwait Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy ने पुष्टि की है कि यह ईरान की ओर से की गई आक्रामकता है। देश अपनी 90% पीने के पानी की जरूरतों के लिए इन्हीं डिस्टिलेशन प्लांटों पर निर्भर है, जिससे यह स्थिति काफी गंभीर हो गई है।

ℹ️: Oman का नया नियम: 19 जुलाई 2026 से सभी प्रवासियों के लिए अनिवार्य होगी बीमारी और छुट्टी की इंश्योरेंस

सरकार ने मांगी बिजली बचाने की अपील

इस स्थिति को देखते हुए मंत्रालय ने Statement No. 19 जारी कर सभी नागरिकों और प्रवासियों से बिजली की खपत कम करने की अपील की है ताकि नेशनल ग्रिड को स्थिर रखा जा सके। Kuwait General Staff के मुताबिक, देश की एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने का काम किया है। Kuwait Ministry of Defence के प्रवक्ता Colonel Saud Al-Atwan ने बताया कि ईरान के इस हमले से कई महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है।

सुरक्षा के लिए युद्ध स्तर पर काम

कुवैत की Fire Force टीमों ने प्लांट में लगी आग पर काबू पा लिया है। अब तकनीकी टीमें नुकसान का जायजा ले रही हैं ताकि बिजली ग्रिड को जल्द से जल्द ठीक किया जा सके। इलाके में तनाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार, 16 जुलाई की सुबह से अब तक कुवैती सेना ने 32 दुश्मन ड्रोन को मार गिराया है। पड़ोसी देश Bahrain में भी ईरान द्वारा किए गए हमलों के कारण सायरन बजाए गए और वहां की डिफेंस फोर्स ने भी कई हवाई हमलों को नाकाम किया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com