कुवैत में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं क्योंकि ईरान की तरफ से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं. 5 अप्रैल 2026 को कुवैत ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि ईरान के हमले की वजह से उसके दो बड़े बिजली घरों को भारी नुकसान पहुंचा है. इन पावर स्टेशनों और पानी के प्लांट को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया जिससे बिजली उत्पादन की दो यूनिट्स पूरी तरह बंद हो गईं. गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है.

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हमले में कहां-कहां हुआ नुकसान?

कुवैत के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन हमलों से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है:

  • पावर स्टेशन: बिजली और जल मंत्रालय ने बताया कि दो मुख्य पावर प्लांट पर ड्रोन गिरे जिससे मशीनों को नुकसान हुआ.
  • मंत्रालय परिसर: कुवैत के वित्त मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मंत्रालयों के कॉम्प्लेक्स पर भी एक ड्रोन हमला हुआ.
  • रिफाइनरी में आग: मीना अल-अहमदी रिफाइनरी की ऑपरेशनल यूनिट्स में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई.
  • ट्रांसमिशन लाइन: इससे पहले भी हमले में सात बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा था जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट हुआ.

विदेशी सरकारों और सुरक्षा पर क्या असर पड़ा?

सऊदी अरब और कतर जैसे पड़ोसी देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसे कायराना हरकत कहा है. कुवैत में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने भी सुरक्षा चेतावनी जारी की है क्योंकि ईरान की तरफ से अमेरिकी यूनिवर्सिटीज को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी. कुवैती सेना का कहना है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम लगातार दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही खत्म करने की कोशिश कर रहा है. गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि बुनियादी सुविधाओं पर असर पड़ रहा है.