कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने 29 अप्रैल 2026 को सुप्रीम पेट्रोलियम काउंसिल (SPC) की 130वीं बैठक की अध्यक्षता की. इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के तेल और गैस सेक्टर से जुड़े जरूरी फैसलों पर चर्चा हुई. यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और तेल की सप्लाई पर इसका सीधा असर पड़ा है.
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सुप्रीम पेट्रोलियम काउंसिल क्या काम करती है और इसमें कौन शामिल होते हैं?
Supreme Petroleum Council (SPC) कुवैत के तेल और गैस क्षेत्र की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था है. इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं और इसके सदस्यों में तेल, वित्त, व्यापार और विकास मंत्री के साथ-साथ Central Bank of Kuwait के गवर्नर भी शामिल होते हैं. यह काउंसिल मुख्य रूप से तेल मंत्रालय के नीतिगत और कानूनी फैसलों को मंजूरी देती है. इसके अलावा Kuwait Petroleum Corporation (KPC) में बड़े पदों पर बदलाव करना, बड़े कॉन्ट्रैक्ट देना और नई कंपनियों के गठन या विलय की निगरानी करना भी इसी काउंसिल की जिम्मेदारी है.
क्षेत्रीय तनाव और तेल सप्लाई पर क्या असर पड़ा?
हाल के दिनों में कुवैत को समुद्री सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. 21 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz की नाकेबंदी और जहाजों पर हमलों की वजह से KPC ने कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की शिपमेंट पर ‘फोर्स मेज्योर’ (force majeure) घोषित किया था. इस वजह से कुवैत अपने ग्राहकों के साथ किए गए कॉन्ट्रैक्ट पूरे करने में असमर्थ था. इसके साथ ही अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ युद्ध के कारण पाइपलाइन नेटवर्क के लिए बिड की समय सीमा 28 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई. आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए Central Bank of Kuwait ने स्थानीय बैंकों के लिए लिक्विडिटी नियमों और लेंडिंग लिमिट में भी ढील दी है.
कुवैत के तेल क्षेत्र के लिए आगे की क्या योजनाएं हैं?
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि Kuwait Petroleum Corporation (KPC) नए खोजे गए ऑफशोर तेल और गैस क्षेत्रों के विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों को आमंत्रित करेगा. इसके साथ ही घरेलू कच्चे तेल के पाइपलाइन नेटवर्क के लिए वित्तीय संस्थानों के साथ लीज-एंड-लीज-बैक व्यवस्था पर भी बातचीत चल रही है. इससे पहले मार्च 2026 में क्षेत्रीय तनाव और समुद्री सुरक्षा खतरों को देखते हुए तेल उत्पादन और रिफाइनिंग के काम में सावधानी के तौर पर कटौती की गई थी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुप्रीम पेट्रोलियम काउंसिल की पिछली बैठकें कब हुई थीं?
प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने इससे पहले 26 जनवरी 2026 को 129वीं और 18 जून 2025 को 125वीं बैठक की अध्यक्षता की थी.
कुवैत ने कच्चे तेल की शिपमेंट पर ‘फोर्स मेज्योर’ क्यों घोषित किया?
Strait of Hormuz की नाकेबंदी और जहाजों पर हो रहे हमलों के कारण KPC ने यह फैसला लिया क्योंकि ग्राहकों को समय पर तेल पहुँचाना मुश्किल हो गया था.