कुवैत के प्रधानमंत्री ने Health Assurance Hospitals यानी Dhaman प्रोजेक्ट की ताज़ा स्थिति जानने के लिए एक अहम बैठक की। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद निजी सेक्टर में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों को बेहतर इलाज देना है। सरकार इस बात पर नज़र रख रही है कि काम समय पर पूरा हो ताकि लाखों लोगों को इसका फायदा मिल सके।

Dhaman प्रोजेक्ट क्या है और इसका फायदा किसे होगा?

यह प्रोजेक्ट ‘New Kuwait 2035’ नेशनल डेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत बनाया गया है, जो मिडिल ईस्ट में अपनी तरह का पहला हेल्थकेयर संगठन है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन प्रवासियों को होगा जो प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं। अनुमान है कि करीब 20 लाख लोग इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठा पाएंगे। इसके जरिए प्राइमरी क्लीनिक, सेकेंडरी हॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक लैब और इमेजिंग सेंटर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

अस्पतालों और निवेश का पूरा ब्यौरा

इस प्रोजेक्ट के तहत कुवैत के अलग-अलग इलाकों में अस्पताल और सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसकी वित्तीय और बुनियादी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है।

विवरण जानकारी
कुल पूंजी 230 मिलियन KD (लगभग 759 मिलियन USD)
कुल बेड की क्षमता 900 बेड
अस्पतालों की संख्या 3 (अल अहमादी, जहरा और दजीज)
प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर 15 सेंटर
सरकारी हिस्सेदारी (KIA और PIFSS) 24%
प्राइवेट सेक्टर पार्टनर 26%
KIA को ट्रांसफर हुए शेयर 50% (पब्लिक सब्सक्रिप्शन से)

प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए सरकार ने क्या किया?

प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने और पुरानी समस्याओं को सुलझाने के लिए 5 अप्रैल 2026 को एक नया कानून (Decree-Law No. 50) लाया गया। इसके तहत पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए रखे गए 50% शेयर अब Kuwait Investment Authority (KIA) को दे दिए गए हैं। KIA के पास यह अधिकार है कि वह बाद में इन शेयर्स को कुवैत के नागरिकों को दोबारा ऑफर कर सके। इस कदम से अस्पताल बनाने के काम में तेजी आएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Dhaman अस्पतालों का फायदा किसे मिलेगा?

इसका मुख्य लाभ कुवैत के प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवार के सदस्यों को मिलेगा। इसमें करीब 20 लाख लोग शामिल हो सकते हैं।

कुल कितने अस्पताल और सेंटर बनाए जा रहे हैं?

कुल 3 अस्पताल बनाए जा रहे हैं जिनमें 900 बेड होंगे। इसके अलावा 15 प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर भी खोले जाएंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.