कुवैत में प्राइवेट अस्पतालों को चलाने और बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। म्युनिसिपल काउंसिल की टेक्निकल कमेटी ने अब अस्पतालों की बिल्डिंग और वहां मिलने वाली सुविधाओं के लिए कड़े पैमाने तय कर दिए हैं। इस नए फैसले का असर इलाज कराने वाले आम लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ेगा क्योंकि अब पेमेंट के तरीके से लेकर अस्पताल की लोकेशन तक सब कुछ बदल गया है।

प्राइवेट अस्पताल की बिल्डिंग और लोकेशन के लिए नए नियम क्या हैं?

म्युनिसिपल काउंसिल की टेक्निकल कमेटी की हेड मुनीरा अल-आमिर ने ‘शेड्यूल नंबर 10’ को मंजूरी दी है। इसके तहत अब प्राइवेट अस्पताल बनाने के लिए कुछ सख्त शर्तों का पालन करना होगा:

  • लोकेशन पर रोक: अब रिहायशी इलाकों (Residential areas) या मॉडल हाउसिंग एरिया में अस्पताल बनाना पूरी तरह मना है।
  • लाइसेंस प्रक्रिया: अस्पताल के लाइसेंस के लिए अब हेल्थ मिनिस्ट्री, अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट और कुवैत फायर फोर्स के साथ तालमेल बिठाना जरूरी होगा ताकि सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पालन हो।
  • जगह का दायरा: अस्पताल कितना बड़ा होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह मल्टी-स्पेशियलिटी है या केवल किसी एक बीमारी के लिए। अगर स्टाफ के रहने की जगह बनानी है, तो अस्पताल का कुल एरिया और बढ़ाना होगा।
  • दुकानों पर कंट्रोल: अस्पताल के अंदर केवल फार्मेसी और कैफेटेरिया जैसी जरूरी सुविधाओं को ही अनुमति मिलेगी, ताकि अस्पताल का मुख्य मकसद इलाज रहे, न कि व्यापार।

पेमेंट और स्टाफ लाइसेंसिंग में क्या बदलाव हुए हैं?

हेल्थ मिनिस्ट्री ने मरीजों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कुछ कड़े प्रशासनिक फैसले लिए हैं:

  • कैश पेमेंट बंद: 27-28 फरवरी 2026 के निर्देश के अनुसार, अब किसी भी प्राइवेट अस्पताल, क्लिनिक या लैब में कैश पेमेंट नहीं लिया जाएगा। सभी फीस केवल बैंक या इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के जरिए ही जमा होगी।
  • नया लाइसेंस सिस्टम: नर्सिंग और मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए लाइसेंसिंग के नियमों को आधुनिक बनाया गया है ताकि मरीजों को बेहतर और एक जैसी केयर मिल सके।
  • फार्मेसी के नियम: नई फार्मेसी खोलने के लिए अब केवल कुवैती फार्मासिस्ट ही मालिक हो सकते हैं जिनके पास 10 साल का अनुभव हो। साथ ही, दो फार्मेसी के बीच कम से कम 400 मीटर की दूरी होनी चाहिए और दुकान का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

ब्यूटी सैलून और हेल्थ इंस्टीट्यूट पर निगरानी

स्वास्थ्य मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी डॉ. अब्दुलरहमन अल-मुतइरी ने सैलून और हेल्थ इंस्टीट्यूट की देखरेख के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एक साल तक काम करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि इन केंद्रों पर स्वास्थ्य और प्रोफेशनल मानकों का सही से पालन हो रहा है या नहीं। इसमें कॉमर्स मिनिस्ट्री और पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कुवैत के प्राइवेट अस्पतालों में अब कैश नहीं चलेगा?

जी हां, हेल्थ मिनिस्ट्री के नए आदेश के अनुसार अब सभी प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिकों और लैब में कैश पेमेंट बंद कर दिया गया है। अब सभी भुगतान केवल बैंक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ही किए जाएंगे।

क्या अब किसी भी रिहायशी इलाके में प्राइवेट अस्पताल खोला जा सकता है?

नहीं, म्युनिसिपल काउंसिल के नए नियमों के मुताबिक अब प्राइवेट और मॉडल रिहायशी इलाकों में अस्पताल बनाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है ताकि शहरी संतुलन बना रहे।