कुवैत की पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े संदिग्धों को ट्रायल के लिए कोर्ट भेज दिया है. इन लोगों पर कुवैत की समुद्री सीमा में अवैध तरीके से घुसने और प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र में दाखिल होने का आरोप है. इस मामले में अब कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी और कोर्ट तय करेगा कि इन संदिग्धों ने वास्तव में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं.

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इन संदिग्धों ने कैसे की थी कुवैत में घुसपैठ?

जांच में पता चला है कि इन संदिग्धों ने बहुत ही व्यवस्थित तरीके से समुद्र के रास्ते कुवैत की सीमा में घुसने की कोशिश की. इन्होंने घुसपैठ के लिए नावों, फील्ड नेविगेशन गियर और आधुनिक संचार उपकरणों का इस्तेमाल किया. इनके पास हथियार और गोला-बारूद भी मिला है. पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के मुताबिक, इनका मकसद कुवैत की सैन्य और सुरक्षा सुविधाओं को निशाना बनाना था. पकड़े जाने के दौरान इन लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग भी की थी.

गिरफ्तारी और सबूतों की जांच की प्रक्रिया

कुवैत की सेना और सुरक्षा बलों ने इन संदिग्धों की निगरानी की और उन्हें हिरासत में लिया. जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल एविडेंस ने जब्त किए गए सभी तकनीकी सामानों और सबूतों की बारीकी से जांच की है. जांच टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की और घटनास्थल से भौतिक सबूत भी इकट्ठा किए. इस पूरी कार्रवाई को कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ एक शत्रुतापूर्ण कृत्य माना गया है.

ईरान का दावा और कुवैत का कड़ा रुख

यह मामला मई की शुरुआत में तब चर्चा में आया जब बूबियान आइलैंड के पास चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और ईरान के राजदूत को तलब किया. वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. ईरान का कहना था कि उनके नाविक नेविगेशन सिस्टम में खराबी की वजह से गलती से कुवैत के पानी में चले गए थे और उन्होंने इन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की थी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने IRGC संदिग्धों को कोर्ट क्यों भेजा?

इन संदिग्धों पर अवैध रूप से समुद्री सीमा पार कर कुवैत के प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र में घुसने, हथियार रखने और सुरक्षा बलों पर हमला करने का आरोप है.

ईरान ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को आधारहीन बताया और कहा कि नाविक नेविगेशन सिस्टम में खराबी के कारण गलती से कुवैत के समुद्री क्षेत्र में दाखिल हुए थे.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.