खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बीच कुवैत और कतर के बड़े नेताओं ने आपस में खास बातचीत की है। कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल सबाह और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान ने ईरान की ओर से हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है। हाल ही में 5 अप्रैल 2026 को कुवैत के तेल डिपो और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया गया है, जिससे वहां की संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचा है। यह खबर वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की शांति और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
कुवैत में हुए हमलों में क्या-क्या हुआ और क्या है ताजा अपडेट?
5 अप्रैल 2026 को कुवैत में कई जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई दुश्मन मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। हालांकि, कुछ हमले रोकने के बावजूद नुकसान हुआ है।
- शुवाइख (Shuwaikh) स्थित तेल क्षेत्र के कॉम्प्लेक्स पर ड्रोन गिरा, जिससे वहां आग लग गई।
- मंत्रालयों की मुख्य इमारत (Ministries Complex) को भी निशाना बनाया गया, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुँचा है।
- कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने तेल क्षेत्र में हमले की पुष्टि की है।
- किसी भी व्यक्ति की जान जाने या घायल होने की खबर अभी तक नहीं आई है।
ईरान के हमलों पर कतर और अन्य खाड़ी देशों का क्या कहना है?
कतर के प्रधानमंत्री ने इन हमलों को ‘बेमतलब’ करार दिया है और कहा है कि ईरान ने कई मर्यादाएं लांघी हैं। उन्होंने जोर दिया कि तेल के ठिकानों और आम जनता की सुविधाओं पर हमले तुरंत रुकने चाहिए। यूएई (UAE) ने भी जानकारी दी है कि उसने ईरान की तरफ से दागी गई 9 बैलिस्टिक मिसाइलें और 50 ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है।
| देश | ताजा कार्रवाई और बयान |
|---|---|
| कुवैत | आत्मरक्षा के अधिकार के तहत जवाबी कार्रवाई की बात कही |
| कतर | ईरान के हमलों को ‘रेड लाइन’ पार करना बताया |
| UAE | 9 मिसाइलें और 50 ड्रोन हवा में मार गिराए |
| अरब लीग | कुवैत के नागरिक ठिकानों पर हमले की कड़ी निंदा की |
खाड़ी देशों ने एक सुर में कहा है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तनाव से कुवैत और कतर जैसे देशों की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई पर सीधा असर पड़ सकता है, जिससे वहां काम करने वाले विदेशी कामगारों के मन में भी डर का माहौल बन रहा है।
