कुवैत के विदेश मंत्री और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमन बिन जसीम अल थानी के बीच एक अहम मुलाकात हुई। इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने इलाके में हो रही हलचल और सुरक्षा को लेकर विस्तार से बात की। यह जानकारी कुवैत के विदेश मंत्रालय (@MOFAKuwait) और कुवैत न्यूज़ एजेंसी (@kuna_en) ने आधिकारिक तौर पर साझा की है।

क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा पर चर्चा

13 जून 2026 को हुई इस मुलाकात का मुख्य मकसद क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करना था। हाल के दिनों में ईरान की तरफ से कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर हुए हमलों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। कुवैत और कतर दोनों ने ही इन हमलों की कड़ी निंदा की और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि इलाके में शांति और स्थिरता वापस लाने के लिए तनाव कम करना बहुत जरूरी है।

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयास

इस मीटिंग से पहले भी दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला चला आ रहा था। पिछले कुछ समय में हुई मुख्य चर्चाएं इस प्रकार हैं:

  • 4 जून 2026: कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल अहमद अल सबाह ने कतर के प्रधानमंत्री को फोन किया था। तब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाने के लिए मध्यस्थता के प्रयासों पर बात हुई थी।
  • 16 मई 2026: कतर के प्रधानमंत्री और कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह की एथेंस में मुलाकात हुई थी। वहां उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग और अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम के मुद्दों पर चर्चा की थी।

कतर के प्रधानमंत्री ने पहले भी कहा था कि संकटों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए सभी पक्षों को मध्यस्थता के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए ताकि दोबारा तनाव न बढ़े। साथ ही कुवैत के विदेश मंत्री ने परमाणु सुरक्षा और ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की भूमिका की तारीफ की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com