कुवैत में रमज़ान का महीना शुरू होने वाला है और इसके लिए सरकार ने कई नए नियमों की घोषणा कर दी है. इस बार 18 फरवरी 2026 से रमज़ान शुरू हो रहा है और इसके पूरे 30 दिन तक चलने की उम्मीद है. अल-उजैरी साइंटिफिक सेंटर के अनुसार ईद 20 मार्च को हो सकती है. कुवैत में रमज़ान के दौरान सरकारी ऑफिस से लेकर बैंकों तक के समय में बदलाव किया गया है. इसके साथ ही खाने-पीने की चीजों के दाम को फिक्स कर दिया गया है ताकि आम लोगों और प्रवासियों को कोई परेशानी न हो.
क्या हैं नए वर्किंग आवर और बैंकों के नियम?
सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए ड्यूटी का समय कम कर दिया गया है ताकि रोज़ेदारों को राहत मिल सके.
- पब्लिक सेक्टर: सरकारी कर्मचारियों को अब दिन में सिर्फ 4.5 घंटे काम करना होगा. कर्मचारी सुबह 8:30 से 10:30 बजे के बीच अपनी सुविधा के अनुसार ड्यूटी शुरू कर सकते हैं.
- इवनिंग शिफ्ट: शाम की शिफ्ट किसी भी हाल में शाम 6:45 से पहले शुरू नहीं होगी.
- महिला कर्मचारियों को छूट: महिला कर्मचारियों को शिफ्ट के शुरू और अंत में 15 मिनट का ग्रेस पीरियड दिया गया है.
- बैंक का समय: आम बैंक ब्रांच सुबह 10:00 से दोपहर 1:30 बजे तक खुलेंगे. वहीं मॉल में मौजूद बैंक दो शिफ्ट में चलेंगे.
खाने-पीने की चीजों के दाम फिक्स, जमाखोरी पर होगी कार्रवाई
रमज़ान के दौरान खाने-पीने की चीजों की कमी न हो, इसके लिए कुवैत के वाणिज्य मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. सभी खाद्य पदार्थों के दाम 28 फरवरी 2026 से पहले की दरों पर फिक्स कर दिए गए हैं. इसके अलावा कुवैत के बाहर खाने के सामान का एक्सपोर्ट पूरी तरह से बैन कर दिया गया है जिससे लोकल मार्केट में स्टॉक बना रहे.
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी फैसल अल-अंसारी ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग न करें क्योंकि देश में खाने-पीने का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है. अगर कोई दुकानदार सामान महंगा बेचता है, तो उसके खिलाफ कमर्शियल प्रॉसिक्यूशन के तहत सीधी कार्रवाई की जाएगी और उपभोक्ता इसकी शिकायत इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल पर कर सकते हैं.
मस्जिद और रमज़ान टेंट के लिए जारी हुआ नया आदेश
कुवैत में लगभग 1,700 मस्जिदों को तरावीह और तहज्जुद की नमाज़ के लिए तैयार किया गया है. धार्मिक मामलों के मंत्रालय (Awqaf) ने इमामों और मुअज्जिनों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं ताकि इबादत में कोई दिक्कत न आए. कुवैत का कैथोलिक चर्च भी इस बार रमज़ान में अपना समर्थन दे रहा है और रोज़ेदारों को खजूर और पानी बांट रहा है.
रमज़ान में टेंट लगाने वालों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं. टेंट लगाने के लिए 500 KD की लाइसेंस फीस और 500 KD का रिफंडेबल डिपॉजिट जमा करना होगा. टेंट हाई-वोल्टेज लाइन से 500 मीटर दूर होना चाहिए. नगरपालिका के प्रवक्ता मोहम्मद संदन ने साफ़ कर दिया है कि ट्रैफिक रोकने वाले अवैध टेंट तुरंत हटा दिए जाएंगे. वहीं आंतरिक मंत्रालय (MOI) ने सोशल मीडिया पर चल रही उस अफवाह को खारिज कर दिया है जिसमें बिना परमिशन रमज़ान की महफिल सजाने पर 1000 KD के जुर्माने और जेल की बात कही जा रही थी.
