कुवैत सरकार ने रमजान के महीने में चंदा इकट्ठा करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि अब नकद यानी कैश के रूप में कोई भी दान स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार ने यह कदम दान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और पैसों के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। मंत्रालय के अनुसार, सभी चैरिटी संस्थाओं को अब सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ही पैसा लेना होगा।

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पैसे देने के नए तरीके क्या हैं?

नए नियमों के मुताबिक, दान देने के लिए अब लोगों को K-Net सर्विस, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, बैंक ट्रांजेक्शन या स्मार्टफोन ऐप्स का इस्तेमाल करना होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी चैरिटी हेडक्वार्टर या सार्वजनिक जगह पर कैश नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा, टेलीकॉम कंपनियों की SMS सर्विस और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए भी दान दिया जा सकता है। यह नियम सभी पंजीकृत धर्मार्थ संस्थाओं पर सख्ती से लागू होगा और इसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

मस्जिदों और सार्वजनिक जगहों के लिए नियम

शॉपिंग मॉल या सार्वजनिक चौराहों पर बिना पहले से मंजूरी लिए चंदा मांगना पूरी तरह मना है। मस्जिदों में दान जमा करने के लिए मंत्रालय ने एक शेड्यूल तय किया है, जिसका पालन करना जरूरी है। मस्जिदों में नकद जमा करने वाले बॉक्स या गुल्लक रखने की भी अनुमति नहीं है। विदेश से आने वाले फंड के लिए भी पहले से मंजूरी लेनी होगी और यह पैसा सिर्फ मंत्रालय द्वारा अप्रूव किए गए बैंक खातों में ही आ सकेगा।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

सरकार ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच टीमें भी बनाई हैं। मंत्रालय की टीमों ने जांच के दौरान कई उल्लंघनों को पकड़ा है, जिसमें बिना लाइसेंस वाले कपड़ों के बूथ और अवैध विज्ञापन शामिल हैं। सोशल मीडिया पर बिना अनुमति के चंदा मांगने वाले रेस्टोरेंट और कंपनियों पर भी नजर रखी जा रही है। चंदा इकट्ठा करने वाले प्रतिनिधियों के पास मंत्रालय द्वारा जारी आईडी कार्ड होना जरूरी है, और रमजान खत्म होने के एक महीने के अंदर पूरा वित्तीय रिपोर्ट जमा करना होगा।