कुवैत म्युनिसिपलिटी ने रमजान के पवित्र महीने में लगने वाले टेंटों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर कोई बिना लाइसेंस या गलत तरीके से टेंट लगाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम आग लगने की घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

टेंट लगाने के लिए क्या हैं जरूरी नियम?

म्युनिसिपलिटी के अनुसार, टेंट सामाजिक, धार्मिक या खेल आयोजनों के लिए ही लगाए जा सकते हैं। इसके लिए कुछ खास शर्तें रखी गई हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। टेंट का कपड़ा हल्का और आग प्रतिरोधी (Fire-resistant) होना चाहिए ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

  • टेंट के अंदर किचन या खाना पकाने की जगह बनाना सख्त मना है।
  • दो टेंटों के बीच कम से कम 200 मीटर की दूरी होनी चाहिए।
  • पेट्रोल स्टेशन से टेंट की दूरी कम से कम 1 किलोमीटर होनी चाहिए।
  • हाई वोल्टेज बिजली लाइनों से 500 मीटर दूर टेंट लगाना होगा।
  • सैन्य स्थलों या तेल प्रतिष्ठानों से 2 किलोमीटर की दूरी जरूरी है।

लाइसेंस फीस और आवेदन का तरीका

टेंट का लाइसेंस लेने के लिए 500 कुवैती दीनार (KD) फीस देनी होगी। इसके अलावा 500 KD का इंश्योरेंस डिपॉजिट भी जमा करना होगा, जो नियम पालन करने पर वापस मिल जाएगा। यह भुगतान KNET सिस्टम के जरिए ही मान्य होगा।

लाइसेंस के लिए केवल कुवैती नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें Road Occupancy Control Department में जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। साथ ही Ministry of Interior और General Fire Force से भी मंजूरी लेनी जरूरी है ताकि सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा किया जा सके।

अफवाहों पर ध्यान न दें और मस्जिद के नियम जानें

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हुई थी कि बिना परमिशन जमा होने पर 6 महीने की जेल होगी। अधिकारियों ने इसे गलत बताया है, लेकिन यह साफ किया है कि निरीक्षण कड़े होंगे और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।

इसके अलावा, मस्जिदों की सीमा के अंदर रमजान टेंट लगाने पर पूरी तरह रोक है। मस्जिदों से बिजली लेकर बाहर टेंट में इस्तेमाल करना भी मना है। प्रशासन ने कहा है कि Iftar का आयोजन मस्जिदों के आंगन में मंजूरी के साथ हो सकता है, लेकिन बाहरी टेंट के लिए नियम अलग हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.