कुवैत में गुरुवार, 19 मार्च 2026 को मिना अल-अहमदी और मिना अब्दुल्ला तेल रिफाइनरियों में ड्रोन हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई। कुवैत फायर फोर्स (KFF) ने जानकारी दी कि इन रिफाइनरियों में लगी आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल टीमों को तुरंत काम पर लगाया गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं है और आग को ऑपरेशनल यूनिट्स में ही सीमित कर दिया गया।

हमले के बाद सुरक्षा और राहत कार्य की स्थिति

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने स्पष्ट किया कि ड्रोन हमला रिफाइनरी की मुख्य यूनिट्स को निशाना बनाकर किया गया था। हमले के तुरंत बाद इमरजेंसी और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मोर्चा संभाला और आग को फैलने से रोक लिया। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। रिफाइनरी को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, हालांकि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार नुकसान काफी सीमित है।

क्षेत्रीय तनाव और तेल की कीमतों पर असर

कुवैत की सेना ने बताया कि उस सुबह देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई अन्य शत्रुतापूर्ण ड्रोन और मिसाइल हमलों को भी सफलतापूर्वक नाकाम किया। खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे इन हमलों की वजह से वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों में बढ़त देखी जा रही है। सऊदी अरब, मिस्र और अन्य पड़ोसी देशों ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुवैत में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर सुरक्षा के नजरिए से काफी अहम है क्योंकि इससे स्थानीय प्रशासन की चौकसी बढ़ गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com