कुवैत सरकार ने देश में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। आसपास के देशों में चल रही उथल-पुथल और सप्लाई चेन में दिक्कतों के बावजूद, सरकार ने यह पक्का किया है कि बाजारों में जरूरी सामान की कमी न हो। इसके लिए सरकारी विभागों और स्थानीय उत्पादन संघों ने मिलकर काम किया है ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।
सरकार ने कीमतों और सप्लाई को कैसे कंट्रोल किया?
मार्च 2026 में सरकार ने खाने-पीने की चीजों के निर्यात पर रोक लगाई थी और सामान की कीमतें तय कर दी थीं। अप्रैल 2026 में क्षेत्रीय तनाव के बाद एक खास रणनीति बनाई गई, जिसमें बॉर्डर क्रॉसिंग पर सामान लाने की प्रक्रिया को आसान किया गया। वाणिज्य मंत्रालय ने आयात करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त खर्च की सब्सिडी दी और कुवैत एयरवेज ने ताज़ा सामान लाने के लिए विशेष उड़ानें चलाईं।
किसानों और मछुआरों ने कैसे की मदद?
कुवैती फार्मर्स यूनियन के अध्यक्ष अहमद अल-अडवानी ने बताया कि स्थानीय किसानों ने बाजार की मांग के हिसाब से सब्जियों का उत्पादन बढ़ाया है। सरकार ने किसानों को ईंधन सब्सिडी, ट्रीटेड पानी और आर्थिक मदद दी जिससे खेती का काम नहीं रुका। इसी तरह, कुवैती फिशरमेन यूनियन ने मछली पकड़ने की गतिविधि बढ़ाकर और आयात के रास्तों को बदलकर बाजार में स्थिरता बनाए रखी।
आम जनता और प्रवासियों के लिए क्या है खास?
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए को-ऑपरेटिव सोसायटियों के जरिए राशन की सप्लाई को नियमित रखा गया है। सोशल अफेयर्स मिनिस्टर डॉ. अमथल अल-हुवइला ने कंट्रोल सेंटर्स का दौरा कर स्टॉक की जांच की है ताकि कोई कमी न रहे। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि जरूरी सामान सही दाम पर सबको मिले और बाहरी देशों पर निर्भरता कम हो सके।