कुवैत ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के रास्ते में रुकावट डालने के कदमों का कड़ा विरोध किया है। संयुक्त राष्ट्र में कुवैत के प्रतिनिधि तारिक अल-बनाई ने साफ कहा कि इस तरह की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ हैं। इस विवाद की वजह से अब पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और व्यापार पर बुरा असर पड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
कुवैत और GCC देशों ने ईरान के खिलाफ क्या स्टैंड लिया है?
30 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक सत्र के दौरान कुवैत के स्थायी प्रतिनिधि तारिक अल-बनाई ने ईरान के कदमों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इससे पहले 28 अप्रैल को जेद्दा में हुई GCC देशों की बैठक में भी इसी बात को दोहराया गया। GCC महासचिव जासेम अल-बुदईवी ने स्पष्ट किया कि सभी सदस्य देश जहाजों की आवाजाही रोकने या उन पर फीस लगाने के किसी भी प्रयास का विरोध करते हैं और चाहते हैं कि हालात पहले जैसे सामान्य हो जाएं।
तेल की सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
इस तनाव का सीधा असर तेल उत्पादन पर दिखना शुरू हो गया है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने कुछ कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की शिपमेंट पर ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) घोषित किया है। इसका मतलब है कि अनपेक्षित परिस्थितियों के कारण कंपनी अपने अनुबंध पूरे नहीं कर पा रही है। इसके साथ ही कुवैत ने कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग में कटौती की है क्योंकि जहाजों को फारस की खाड़ी में लाना मुश्किल हो गया है। राजदूत मेशाल मुस्तफा जे अल-शेमाली ने चेतावनी दी कि अगर इस रास्ते में रुकावट बनी रही, तो पूरी दुनिया को एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों के बारे में क्या जानकारी सामने आई?
कुवैत ने बार-बार यह बात कही है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। विदेश मंत्री शेख जराह जाबर अल-अहमद अल-सबाह ने साफ किया कि यह रास्ता 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून कन्वेंशन (UNCLOS) के नियमों से चलता है। कुवैत का मानना है कि किसी भी देश को एकतरफा फैसला लेकर इस रास्ते को बंद करने का हक नहीं है। वहीं, इस पूरे विवाद की जड़ फरवरी 2026 में ईरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली सैन्य हमले से जुड़ी है, जिसके बाद ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक करना शुरू किया और अब अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का विवाद क्या है?
ईरान ने इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को बंद करने और जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की है, जिसका कुवैत और अन्य GCC देशों ने विरोध किया है। यह विवाद अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई और उसके बाद की घेराबंदी के कारण शुरू हुआ।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने क्या कदम उठाए हैं?
KPC ने कुछ शिपमेंट्स पर फोर्स मेज्योर लागू किया है और कच्चे तेल के उत्पादन में कमी की है क्योंकि जहाजों का सुरक्षित रास्ता बाधित हुआ है और स्टोरेज टैंक भर चुके हैं।