कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान की धमकियों का कड़ा विरोध किया है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की कोशिश कर रहा है, जिससे पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और व्यापार पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। कुवैत ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय रास्तों को राजनीतिक या सैन्य हथियार बनाना पूरी तरह गलत है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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कुवैत ने UN में ईरान की हरकतों पर क्या कहा?

कुवैत के UN प्रतिनिधि राजदूत Tariq Al-Bannai ने सुरक्षा परिषद की एक उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने या अंतरराष्ट्रीय जहाजों के रास्ते में रुकावट डालने की किसी भी कोशिश को कुवैत सिरे से खारिज करता है। Al-Bannai ने बताया कि यह रास्ता दुनिया के व्यापार के लिए एक मुख्य नस की तरह है और सभी देशों के हितों के लिए जरूरी है। उन्होंने UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 522 और 2817 का जिक्र किया, जो जहाजों की आजादी और सुरक्षा के नियमों को तय करते हैं।

तेल की सप्लाई और आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?

इस विवाद का सीधा असर तेल के व्यापार पर पड़ रहा है। 20 अप्रैल 2026 को Kuwait Petroleum Corp (KPC) ने कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की शिपमेंट पर ‘फोर्स मेज्योर’ (force majeure) घोषित कर दिया था, क्योंकि रास्ता बंद होने की वजह से ग्राहकों को समय पर डिलीवरी देना नामुमकिन हो गया था। राजदूत Meshal Mustafa J Al-Shemali ने चेतावनी दी कि अगर यह रास्ता बाधित होता है तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी और शिपिंग व बीमा का खर्च भी बढ़ जाएगा। इससे न केवल ऊर्जा संकट आएगा, बल्कि दवाइयों और खाने-पीने की चीजों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।

GCC देशों ने ईरान के खिलाफ क्या रणनीति बनाई है?

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों, जिनमें सऊदी अरब, UAE, कतर और बहरीन शामिल हैं, ने ईरान की इन हरकतों की कड़ी निंदा की है। GCC महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने कहा कि सदस्य देश ईरान की गैरकानूनी हरकतों के खिलाफ हैं और किसी भी तरह के ट्रांजिट शुल्क या रुकावट को स्वीकार नहीं करेंगे। GCC देशों ने अपनी सामूहिक रक्षा के सिद्धांत को दोहराया है और साफ कहा है कि किसी भी एक सदस्य देश पर हमला सभी देशों पर हमला माना जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों महत्वपूर्ण है?

यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है जो दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे जरूरी रास्ता है। अगर यह बंद होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो जाएगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी।

कुवैत ने ‘फोर्स मेज्योर’ क्यों घोषित किया?

20 अप्रैल 2026 को कुवैत ने तेल शिपमेंट पर फोर्स मेज्योर लागू किया क्योंकि ईरान द्वारा रास्ता बंद किए जाने की वजह से ग्राहकों को तेल पहुंचाना असंभव हो गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.