कुवैत में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। General Department of Residency Affairs ने पासपोर्ट और रेजिडेंसी नियमों में बड़ी ढील दी है। अब जिन लोगों के पासपोर्ट एक्सपायर हो गए हैं, वे भी अपने दूतावास से एक्सटेंशन कराकर सरकारी काम पूरे कर सकेंगे। यह फैसला प्रवासियों की कागजी मुश्किलों को कम करने के लिए लिया गया है।
पासपोर्ट और रेजिडेंसी के नए नियम क्या हैं?
Ministerial Resolution No. 2249/2025 के तहत अब इमिग्रेशन सिस्टम को बदल दिया गया है। पहले रेजिडेंसी की तारीख पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट से जुड़ी होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब रेजिडेंसी की वैधता पासपोर्ट की तारीख से आगे बढ़ सकती है। बस शर्त यह है कि आवेदन के समय पासपोर्ट या उसके विकल्प के तौर पर मान्य डॉक्यूमेंट की वैलिडिटी कम से कम 6 महीने होनी चाहिए।
वीज़ा और एब्सेंस परमिट में क्या बदलाव हुए?
सरकार ने कुछ खास परिस्थितियों को देखते हुए कुछ अस्थायी राहत दी है। ये बदलाव 28 फरवरी 2026 से लागू हो चुके हैं, जिनका लाभ प्रवासियों को बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे मिल जाएगा।
| सुविधा | समय सीमा | फीस और प्रक्रिया |
|---|---|---|
| विजिट वीज़ा एक्सटेंशन | 1 महीना | ऑटोमैटिक, कोई फीस नहीं |
| एब्सेंस परमिट एक्सटेंशन | 3 महीना | ऑटोमैटिक, कोई फीस नहीं |
| दफ्तर जाना | ज़रूरत नहीं है | ऑनलाइन/ऑटोमैटिक सिस्टम |
दूतावास से एक्सटेंशन कराने वालों को क्या फायदा होगा?
Brigadier General Farid Al-Mutairi ने निर्देश दिए हैं कि जिन प्रवासियों के पासपोर्ट खत्म हो गए हैं, वे अपने एंबेसी से एक्सटेंशन लेकर रेजिडेंसी के काम निपटा सकते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार होगा जो किसी वजह से समय पर नया पासपोर्ट नहीं बनवा पाए थे। कुवैत में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत है क्योंकि अब उन्हें पासपोर्ट रिन्यू होने तक इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
