कुवैत के Ministry of Interior ने 7 फरवरी 2026 को रेजिडेंसी परमिट को लेकर नए नियम जारी किए हैं। यह बदलाव प्रवासियों के माता-पिता, विधवाओं और कुवैती नागरिकों के जीवनसाथी के लिए खास तौर पर किया गया है। General Directorate of Residency Affairs ने फीस और रिन्यूअल के तरीकों में कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिनका असर वहां रहने वाले विदेशी परिवारों पर पड़ेगा। मंत्रालय ने साफ किया है कि सभी आवेदकों को इन नई शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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प्रवासियों के माता-पिता के लिए वीज़ा फीस और नियम

प्रवासियों के माता-पिता (Article 29) के रेजिडेंसी रिन्यूअल को लेकर सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है। जिन लोगों का परमिट एक्सपायर हो चुका है, उन्हें अब रिन्यूअल के लिए 300 KWD (कुवैती दिनार) फीस देनी होगी। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू माना जाएगा।

इसके अलावा, पहली बार रिन्यूअल कराने के लिए आवेदक को अपने स्थानीय रेजिडेंसी विभाग में खुद जाना अनिवार्य होगा। इसके बाद के रिन्यूअल ऑनलाइन भी कराए जा सकेंगे, लेकिन फीस उतनी ही रहेगी। यह कदम फैमिली वीज़ा नियमों को व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है।

कुवैती नागरिकों के जीवनसाथी और रिश्तेदारों के लिए छूट

कुवैती नागरिकों की पत्नियों (Article 26) और कुवैती महिलाओं के पतियों के लिए वार्षिक रेजिडेंसी फीस मात्र 15 कुवैती दिनार तय की गई है। यही नियम विधवाओं और तलाकशुदा (Article 28) लोगों पर भी लागू होगा, बशर्ते उन्हें मंत्रालय से मंजूरी मिले।

एक बड़ी राहत की खबर यह है कि कुवैती नागरिकों के विदेशी मामा या मौसी (Article 27) के लिए रेजिडेंसी परमिट अब पूरी तरह से निशुल्क कर दिया गया है। सरकार ने नागरिकों के करीबी रिश्तेदारों की मदद के लिए फीस में यह बड़ी छूट दी है।

अन्य कैटेगरी और निवेशकों के लिए जानकारी

प्रवासियों के बच्चों और जीवनसाथी (Article 22) का वीज़ा पहले की तरह मंत्रालय के कड़े नियमों के तहत जारी रहेगा। इसमें फिलहाल कोई बड़े फीस बदलाव का जिक्र नहीं है, लेकिन नियमों का पालन सख्ती से करना होगा।

वहीं, विदेशी संपत्ति मालिकों और निवेशकों के लिए एक अलग नियम तैयार किया जा रहा है। इनकी फीस और शर्तें जल्द ही रेजिडेंसी कानून के ढांचे के भीतर फाइनल की जाएंगी, जिसके लिए एक अलग आर्टिकल बनाया जा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.