कुवैत के रेस्टोरेंट्स और कैफे में अब खाने की न्यूट्रिशन जानकारी को लेकर सख्ती होने वाली है। म्युनिसिपल काउंसिल के सदस्य फहद अल-अब्दुलजादर ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है ताकि लोगों को खाने की सही जानकारी मिल सके। इस कदम से सेहत का ध्यान रखने वाले लोगों और प्रवासियों को काफी मदद मिलेगी क्योंकि अब मेन्यू पर लिखी बातें सच होंगी।

नया नियम क्या है और कैसे काम करेगा

प्रस्ताव के मुताबिक, अब कोई भी रेस्टोरेंट या कैफे बिना Nutritional Label Approval Certificate के न्यूट्रिशन जानकारी नहीं दिखा सकेगा। यह सर्टिफिकेट लैब या मान्यता प्राप्त सॉफ्टवेयर के जरिए खाने की जांच के बाद ही मिलेगा। इसके साथ ही रेस्टोरेंट्स को हर मील के साथ एक QR code लगाना होगा। ग्राहक और अधिकारी इस कोड को स्कैन करके यह चेक कर सकेंगे कि खाने की जानकारी सही है या नहीं।

जांच और निगरानी के लिए क्या इंतजाम होंगे

सिर्फ सर्टिफिकेट देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि इसकी समय-समय पर जांच भी होगी। इसके लिए निम्नलिखित नियम प्रस्तावित किए गए हैं:

  • हर तीन महीने में रेस्टोरेंट के खाने के सैंपल रैंडम तरीके से लिए जाएंगे।
  • इन सैंपल्स की जांच बिना नाम बताए यानी blind testing के जरिए की जाएगी।
  • लैब में सैंपल्स को केवल सीरियल नंबर से पहचाना जाएगा ताकि जांच में कोई भेदभाव न हो और सटीक रिपोर्ट मिले।

यह बदलाव क्यों लाया जा रहा है

फहद अल-अब्दुलजादर ने बताया कि आजकल लोग सेहत को लेकर बहुत जागरूक हो गए हैं और कैलोरी, प्रोटीन, कार्ब्स और फैट का हिसाब रखते हैं। उन्होंने कहा कि कई रेस्टोरेंट के मेन्यू में दी गई जानकारी गलत होती है, इसलिए एक सख्त सिस्टम की जरूरत है। यह पूरा प्रस्ताव अमेरिका के FDA और सऊदी अरब के SFDA के अंतरराष्ट्रीय नियमों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रेस्टोरेंट के खाने में QR कोड का क्या उपयोग होगा

QR कोड के जरिए ग्राहक और सरकारी अधिकारी यह देख सकेंगे कि उस मील के लिए न्यूट्रिशन सर्टिफिकेट मिला है या नहीं और उसकी जानकारी सही है या नहीं।

यह नया प्रस्ताव किन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के मॉडल पर आधारित है

यह प्रस्ताव अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) के नियमों पर आधारित है।