कुवैत प्रशासन ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए 20 लोगों की नागरिकता रद्द करने का फैसला लिया है। यह पूरा मामला 39 साल पुराना है, जहां एक व्यक्ति ने मृतक कुवैती नागरिक की पहचान का इस्तेमाल करके सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाया। इस जालसाजी का पर्दाफाश Kuwait Nationality Investigation Department की जांच के बाद हुआ।
क्या था पूरा मामला
जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्ति का जन्म 1960 में हुआ था और वह असल में किसी दूसरे खाड़ी देश का नागरिक था। उसने साल 1970 में मर चुके एक कुवैती नागरिक की पहचान चुरा ली। उस समय सरकारी विभागों के बीच तालमेल की कमी का फायदा उठाते हुए उसने 1987 में उस मृतक के नाम पर सिविल आईडी हासिल कर ली। सरकारी रिकॉर्ड में उसे 86 साल का दिखाया गया था, जबकि उसकी असली उम्र 66 साल है।
जांच में कैसे हुआ खुलासा
अधिकारियों ने आरोपी के पास से उसके असली देश का ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया, जिसमें उसकी वास्तविक जानकारी दर्ज थी। इसके अलावा डेंटल एज असेसमेंट (दांतों की जांच) के जरिए यह साफ हो गया कि उसका जन्म 1960 में हुआ था और वह 1940 में पैदा हुए उस व्यक्ति के रूप में नहीं रह सकता था। Supreme Committee for Nationality Investigation ने इस धोखाधड़ी को पकड़ते हुए उस व्यक्ति और उससे जुड़े 20 अन्य लोगों की नागरिकता को कानूनी रूप से खत्म कर दिया है।
