कुवैत सरकार ने 29 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए 25 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी है। इस फैसले की जानकारी आधिकारिक राजपत्र ‘कुवैत अल-यौम’ में 6 अलग-अलग फरमानों के जरिए दी गई। इस सूची में प्रमुख शिया धर्मगुरु Sheikh Hussein Al-Ma’touq का नाम भी शामिल है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर हुसैन अब्दुल्ला मातूकी अली अल-मातूक के रूप में पहचाना गया है।

नागरिकता रद्द करने के पीछे की वजह

गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 1959 के कुवैती नागरिकता कानून और 2026 के नए संशोधन कानून (नंबर 52) के तहत की गई है। इस साल 13 अप्रैल 2026 को नागरिकता कानूनों में बदलाव किए गए थे, जिसके तहत धोखाधड़ी, गलत जानकारी देने, या दोहरी नागरिकता रखने जैसे मामलों में नागरिकता छीनने के नियम और सख्त कर दिए गए हैं।

कौन-कौन है शामिल

इस सूची में धर्मगुरु के अलावा नागरिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हैं। जिन अन्य व्यक्तियों के नाम जारी किए गए हैं, उनमें Abdulaziz Khalid Abdulwahab Ismail Ali Al-Foudari, Lulwa Nasser Abdullah Abdulwahab Al-Hussainan, Muhammad Badr Abdullah Saleh Muhammad Al-Matar, Abdullah Mohammed Abdullah Abdulwahab Al-Saleh, और Mansour Ahmed Hamoud Al-Muharib Al-Hamoud शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय पहचान की सुरक्षा और कानून के सही पालन के लिए उठाए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जा रही है।

Nura Basta

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