कुवैत सरकार ने देश की नागरिकता को लेकर एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। एक आधिकारिक फैसले के तहत कुवैत में 28 लोगों की नागरिकता को रद्द कर दिया गया है। सुप्रीम कमेटी फॉर कुवैती सिटीजनशिप इन्वेस्टिगेशन ने इस संबंध में फैसला जारी किया है। यह फैसला कुवैत के आधिकारिक राजपत्र कुवैत अल-यौम में प्रकाशित किया गया है जिसके बाद से प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई है।

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नागरिकता रद्द करने के पीछे क्या है मुख्य वजह

कुवैत सरकार ने यह कदम राष्ट्रीयता कानून संख्या 15/1959 के अनुच्छेद 11 के तहत उठाया है। इस नियम के अनुसार यदि कोई कुवैती नागरिक बिना सरकारी मंजूरी के किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है या उसे अपने पास रखता है तो उसकी कुवैती नागरिकता समाप्त की जा सकती है। कुवैत के गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि फर्जी तरीके से नागरिकता हासिल करने वालों और गलत जानकारी देकर देश में रहने वालों के खिलाफ यह एक सुधारात्मक कार्रवाई है।

नए कानून से और कितने सख्त हो गए हैं कुवैत के नियम

कुवैत सरकार ने हाल ही में नया डिक्री-कानून संख्या 52/2026 लागू किया है जिसके तहत नागरिकता नियमों को बेहद कड़ा कर दिया गया है। इसके तहत कुछ प्रमुख बदलाव किए गए हैं जो इस प्रकार हैं:

  • तीन महीने की समयसीमा: कुवैती नागरिकता मिलने के तीन महीने के भीतर व्यक्ति को अपनी दूसरी नागरिकता छोड़नी होगी और इसका सबूत गृह मंत्रालय को देना होगा। ऐसा न करने पर नागरिकता रद्द मानी जाएगी।
  • डीएनए जांच का नियम: जांच के दौरान वैज्ञानिक तरीकों जैसे डीएनए टेस्ट और बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • न्यायिक समीक्षा से बाहर: नागरिकता से जुड़े फैसलों को संप्रभुता का मामला माना गया है और इन्हें कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

गृह मंत्री ने जांच को लेकर दिए सख्त निर्देश

कुवैत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ इस पूरी जांच कमेटी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने नागरिकता से जुड़ी धोखाधड़ी में शामिल कंपनियों और अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी देरी के सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पब्लिक प्रोसिक्यूशन को अब नागरिकता से जुड़े सभी अपराधों की जांच का पूरा अधिकार दे दिया गया है जिससे फर्जी दस्तावेजों के सहारे नागरिकता पाने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत ने हाल ही में कितने लोगों की नागरिकता रद्द की है?

कुवैत सरकार ने सुप्रीम कमेटी के फैसले के बाद कुल 28 लोगों की नागरिकता को रद्द करने का आदेश जारी किया है।

कुवैत में नागरिकता को लेकर क्या नया नियम आया है?

नए नियम के अनुसार अब कुवैत की नागरिकता मिलने के तीन महीने के भीतर व्यक्ति को अपनी पुरानी नागरिकता छोड़नी होगी और इसका प्रमाण देना होगा।

क्या नागरिकता रद्द होने के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है?

नहीं, नए कानून के तहत नागरिकता से जुड़े सभी फैसलों को संप्रभुता का मामला माना गया है और इन्हें अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.