कुवैत सरकार ने नागरिकता को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. 7 मई 2026 को 316 लोगों और उनके परिवार के सदस्यों की नागरिकता वापस ले ली गई है. यह कदम सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है जिसमें फर्जी तरीके से ली गई नागरिकता की जांच हो रही है.
नागरिकता रद्द करने के लिए कौन से आदेश जारी हुए?
कुवैत सरकार ने इस कार्रवाई के लिए 5 अमीरी डिक्री (Amiri Decrees) और 2 कैबिनेट फैसलों का सहारा लिया है. इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक गजट “Kuwait Today” में छपी है. विवरण नीचे दिया गया है:
- अमीरी डिक्री 72: इसके तहत 288 लोगों और उनके आश्रितों की नागरिकता छीनी गई.
- अमीरी डिक्री 73: 5 लोगों के नागरिकता सर्टिफिकेट वापस लिए गए.
- अमीरी डिक्री 74: 2 लोगों की नागरिकता रद्द की गई.
- अमीरी डिक्री 75: 1 व्यक्ति की नागरिकता छीनी गई.
- अमीरी डिक्री 78: 3 लोगों के सर्टिफिकेट वापस लिए गए.
- कैबिनेट प्रस्ताव 84: 11 लोगों की नागरिकता रद्द हुई.
- कैबिनेट प्रस्ताव 125: 6 लोगों के नागरिकता सर्टिफिकेट वापस लिए गए.
यह बड़ा एक्शन क्यों लिया गया?
सरकार का कहना है कि नागरिकता के नियमों में पारदर्शिता लाने के लिए यह काम किया जा रहा है. यह कार्रवाई 1959 के नागरिकता कानून (Amiri Decree No. 15 of 1959) के नियमों के तहत की गई है. सरकार का मकसद उन लोगों को हटाना है जिन्होंने धोखाधड़ी करके नागरिकता हासिल की थी. यह अभियान अक्टूबर 2024 से काफी तेज हुआ है और 15 अप्रैल 2026 तक करीब 71,059 मामले सामने आ चुके हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत में कितने लोगों की नागरिकता रद्द की गई है
7 मई 2026 को जारी आदेशों के अनुसार कुल 316 लोगों और उनके आश्रितों की नागरिकता वापस ले ली गई है.
यह नागरिकता रद्द करने का अभियान कब से चल रहा है
यह अभियान अक्टूबर 2024 से तेज हुआ है और अप्रैल 2026 तक इसमें 71,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं.