कुवैत की आधिकारिक गजट ‘Kuwait Alyawm’ ने 16 जुलाई 2026 को एक बड़ी जानकारी जारी की है। सुप्रीम कमेटी फॉर द वेरिफिकेशन ऑफ कुवैती सिटीजनशिप ने नागरिकता कानून के तहत 38 लोगों की नागरिकता रद्द करने का फैसला लिया है। यह कार्रवाई साल 1959 के अमीरी डिक्री नंबर 15 की धारा 11 के अंतर्गत की गई है, जो किसी दूसरे देश की नागरिकता लेने पर कुवैती नागरिकता खोने का प्रावधान करती है।
नए नियमों और कानून का असर
कुवैत सरकार ने हाल ही में नागरिकता कानूनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 13 अप्रैल 2026 को जारी डिक्री-लॉ नंबर 52 के तहत नए नियम लागू हुए हैं। इनमें धारा 11 bis भी शामिल है, जिसके अनुसार नेचुरलized नागरिकों को 3 महीने के भीतर अपनी दूसरी नागरिकता छोड़नी होगी। ऐसा न करने पर उनकी नागरिकता अपने आप रद्द हो जाएगी। इसके अलावा, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि नागरिकता से जुड़े फैसले पूरी तरह से संप्रभुता के अधिकार हैं और इन्हें किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
लगातार चल रहा है अभियान
नागरिकता की जांच के लिए बनाई गई यह विशेष कमेटी 8 मार्च 2026 से सक्रिय है और इसकी अध्यक्षता खुद फर्स्ट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और मिनिस्टर ऑफ इंटीरियर करते हैं। यह प्रक्रिया पिछले दो सालों से एक बड़े अभियान के रूप में चल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल में 172, मई में 316 और जून के महीने में 2,000 से ज्यादा लोगों की नागरिकता रद्द की जा चुकी है। यह कार्रवाई कुवैत में नागरिकता फाइलों की समीक्षा के लिए चल रहे सरकारी अभियान का हिस्सा है।
