कुवैत सरकार ने नागरिकता के नियमों को लेकर बहुत सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में 146 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी गई है, जबकि इससे पहले भी हज़ारों लोगों पर ऐसी कार्रवाई हुई थी। अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबर अल-सबाह के निर्देश पर लाए गए इन बदलावों का मकसद नागरिकता में होने वाली धोखाधड़ी को रोकना और राष्ट्रीय पहचान को सुरक्षित रखना है।

किन लोगों की नागरिकता रद्द हुई और कब हुआ फैसला?

कुवैत की आधिकारिक गजट ‘कुवैत अल-यौम’ में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, सरकार ने दो अलग-अलग तारीखों पर बड़े फैसले लिए हैं। नागरिकता रद्द करने की यह प्रक्रिया हायर कमेटी फॉर कुवैती सिटीजनशिप की निगरानी में पूरी की गई।

तारीख नागरिकता रद्द करने की संख्या मुख्य कारण/आधार
15 अप्रैल 2026 146 व्यक्ति नागरिकता कानून की समीक्षा
13 अप्रैल 2026 2,182 व्यक्ति डिक्री-लॉ नंबर 52 (निर्भरता सहित)

नागरिकता के नए नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

सरकार ने नागरिकता देने और रद्द करने के अधिकारों को पहले से ज़्यादा बढ़ा दिया है। अब नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। नए नियमों की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • अगर किसी ने गलत जानकारी या धोखाधड़ी से नागरिकता ली है, तो उसे तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
  • दोहरी नागरिकता (Dual Nationality) पर अब सख्त पाबंदी है और उल्लंघन करने वालों की नागरिकता छीनी जा सकती है।
  • जिन्हें कुवैती नागरिकता मिली है, उन्हें 3 महीने के भीतर अपनी पुरानी नागरिकता छोड़नी होगी।
  • नागरिकता के आवेदन के लिए अब ज़्यादा समय तक रहने की शर्त और कड़ी बैकग्राउंड जांच होगी।
  • नागरिकता से जुड़े फैसले अब संप्रभु कार्य माने जाएंगे और इन्हें अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।

गलत जानकारी देने पर कितनी सज़ा और जुर्माना लगेगा?

मंत्रालय ने साफ किया है कि नागरिकता हासिल करने के लिए झूठ बोलने वालों को जेल जाना पड़ेगा। इसके लिए भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है:

  • सामान्य गलत जानकारी देने पर 3 साल तक की जेल और 3,000 कुवैती दीनार का जुर्माना लगेगा।
  • अगर जानबूझकर धोखाधड़ी की गई है, तो सज़ा बढ़कर 7 साल की जेल और 5,000 कुवैती दीनार का जुर्माना हो सकता है।

इंटीरियर मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने कहा है कि इन बदलावों से नागरिकता की गरिमा बनी रहेगी और यह सुनिश्चित होगा कि केवल हकदार लोगों को ही नागरिकता मिले।