कुवैत सरकार ने देश में रहने वाले उन लोगों के लिए एक बड़ी सुरक्षा सुविधा शुरू की है जिन्हें सुनने में कठिनाई होती है। 3 मार्च 2026 को सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने ‘Sahel’ ऐप के माध्यम से एक विशेष अलर्ट सिस्टम चालू किया है। यह सिस्टम उस समय काम करेगा जब देश में इमरजेंसी सायरन बजाया जाता है, जिससे दिव्यांग लोग भी समय पर सुरक्षित हो सकें और उन्हें किसी की मदद का इंतज़ार न करना पड़े।

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अलर्ट सिस्टम कैसे काम करेगा और किसे मिलेगा फायदा?

यह नया फीचर मोबाइल फोन पर तुरंत नोटिफिकेशन भेजता है। जब भी नेशनल सायरन बजता है, तो Sahel ऐप के ज़रिए विजुअल और वाइब्रेशन वाले अलर्ट भेजे जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक जानकारी पहुँचाना है जो सायरन की आवाज़ नहीं सुन सकते। इसके लिए सरकार ने कुछ नियम तय किए हैं जिन्हें जानना ज़रूरी है।

  • यूज़र का Public Authority for Disabled Affairs (PADA) में रजिस्टर होना ज़रूरी है।
  • Sahel ऐप को लेटेस्ट वर्ज़न पर अपडेट रखना होगा ताकि नोटिफिकेशन सही से मिलें।
  • यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और सरकारी सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है।
  • नोटिफिकेशन सर्वर से जाते ही उसे आधिकारिक तौर पर मिला हुआ माना जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला और इसका महत्व क्या है?

कुवैत में 28 फरवरी और 2 मार्च को क्षेत्रीय तनाव की वजह से सायरन बजने की घटनाएं हुई थीं। इन स्थितियों को देखते हुए सामाजिक मामलों के मंत्री डॉ. अमतल अल-हुवैला ने इस फीचर को जल्द से जल्द शुरू करने का आदेश दिया। कुवैत विजन 2035 के तहत सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक या प्रवासी सुरक्षा के दायरे से बाहर न रहे।

कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी जो सुनने में अक्षम हैं, उनके लिए यह एक बड़ी राहत है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोग केवल Sahel ऐप या आधिकारिक ट्विटर हैंडल (@Moi_kuw) की सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यह पहल कुवैत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के उस लक्ष्य का हिस्सा है जिसे साल 2026 के अंत तक पूरा किया जाना है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.