Kuwait में प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक जरूरी खबर आई है। सरकार ने Sahel App पर एक नई सर्विस शुरू की है जिसके जरिए अगर किसी कर्मचारी की सैलरी से पैसे कटते हैं, तो उसे तुरंत नोटिफिकेशन मिल जाएगा। यह कदम Public Authority for Manpower (PAM) ने उठाया है ताकि कंपनियों द्वारा की जाने वाली मनमानी पर रोक लगाई जा सके और कर्मचारियों को उनके वेतन का सही हिसाब मिल सके।

🗞️: Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में 21 हजार से ज्यादा प्रवासी गिरफ्तार, इकामा और लेबर कानून पर बड़ा एक्शन

Sahel App पर मिलेगी पूरी जानकारी

इस नई सर्विस के तहत, जब भी कोई कंपनी किसी वर्कर की सैलरी में कटौती करेगी, तो वर्कर को Sahel App के जरिए मैसेज भेजा जाएगा। इस मैसेज में सिर्फ कटी हुई रकम ही नहीं बताई जाएगी, बल्कि यह भी बताया जाएगा कि पैसा क्यों काटा गया है। इससे कर्मचारियों को अपनी कमाई का पूरा हिसाब रखने में मदद मिलेगी।

अक्सर कर्मचारियों को यह पता नहीं चल पाता था कि उनकी सैलरी क्यों कम आई है, लेकिन अब सरकार ने पारदर्शिता लाने के लिए यह सुविधा दी है। Sahel App अब कुवैत में सरकारी सेवाओं के लिए एक प्रमुख जरिया बन चुका है और सैलरी से जुड़ी यह अपडेट प्रवासियों के लिए काफी राहत भरी है।

नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई

Public Authority for Manpower ने 14 फरवरी से इस नए सिस्टम को लागू कर दिया है। अथॉरिटी का इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम अब खुद ही यह पकड़ लेगा कि किस कंपनी ने सैलरी जमा करने में कमी की है। अगर कोई कंपनी बिना सही कारण के सैलरी काटती है या नियमों को नहीं मानती है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

नियमों को न मानने वाली कंपनियों की फाइल को सस्पेंड किया जा सकता है या उन्हें अस्थायी रूप से बंद भी किया जा सकता है। जब तक कंपनी अपनी गलती सुधार नहीं लेती, तब तक उसे काम करने में परेशानी हो सकती है। इस सिस्टम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी कर्मचारियों को उनका मेहनताना समय पर और पूरा मिले।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.