कुवैत में राजनयिकों के बीच एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सऊदी अरब के राजदूत प्रिंस सुल्तान बिन साद बिन खालिद अल सऊद को अब डिप्लोमैटिक कोर का डीन चुन लिया गया है। यह निर्णय कुवैत के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक विशेष बैठक के बाद लिया गया है।

प्रिंस सुल्तान बिन साद का चुनाव कैसे हुआ?

इस चयन प्रक्रिया के लिए कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक सलाह बैठक बुलाई थी। इस मीटिंग में अलग-अलग देशों के राजदूत शामिल हुए थे। बैठक में मुख्य रूप से फिलिस्तीन, कोमोरोस, यमन और निकारागुआ के राजदूत मौजूद थे। सभी राजदूतों ने आपस में बातचीत की और सर्वसम्मति से प्रिंस सुल्तान बिन साद के नाम पर अपनी सहमति जताई।

कौन थे पुराने डीन और पहले किसे चुना गया था?

ताजिकिस्तान के राजदूत डॉ जुबयदुल्लो जुबयदोव अब तक डिप्लोमैटिक कोर के डीन थे। उन्होंने ही प्रिंस सुल्तान बिन साद के चयन की आधिकारिक घोषणा की। जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में फिलिस्तीन के राजदूत रामी तहबूब के नाम पर सहमति बनी थी। हालांकि, रामी तहबूब ने अपने निजी कारणों की वजह से इस पद को लेने से औपचारिक रूप से मना कर दिया, जिसके बाद सऊदी राजदूत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में डिप्लोमैटिक कोर का नया डीन किसे चुना गया है?

सऊदी अरब के राजदूत प्रिंस सुल्तान बिन साद बिन खालिद अल सऊद को कुवैत के डिप्लोमैटिक कोर का नया डीन चुना गया है।

फिलिस्तीनी राजदूत रामी तहबूब इस पद पर क्यों नहीं आए?

शुरुआत में रामी तहबूब के नाम पर सहमति बनी थी, लेकिन उन्होंने अपने निजी कारणों की वजह से इस पद के लिए माफी मांगी और इसे स्वीकार नहीं किया।

Sushma Kumari

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