कुवैत में रहने वाले सऊदी नागरिकों के लिए सऊदी दूतावास ने एक जरूरी चेतावनी जारी की है। दूतावास ने कहा है कि सभी लोग वहां के ट्रैफिक नियमों और स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन करें। अगर नियमों की अनदेखी की गई, तो भारी जुर्माना लग सकता है और व्यक्ति को देश से बाहर भी निकाला जा सकता है।
सऊदी दूतावास ने साफ तौर पर कहा है कि सड़कों पर गाड़ी चलाते समय तय रफ्तार का ध्यान रखें। नियमों का पालन न करने पर ड्राइवर या गाड़ी को जब्त किया जा सकता है और डिपोर्ट होने की नौबत आ सकती है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कुवैत का गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ट्रैफिक नियमों को लेकर बहुत सख्त हो गया है।
कुवैत सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
कुवैत की सरकार ने स्पीडिंग और अन्य गंभीर ट्रैफिक अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। कुवैत के जनरल ट्रैफिक डिपार्टमेंट (GTD) के असिस्टेंट डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्ला बौहसन ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि तय सीमा से 30 किमी/घंटा ज्यादा रफ्तार होने पर ट्रैफिक चालान कट सकता है और गाड़ी जब्त हो सकती है।
इतना ही नहीं, अगर गाड़ी की रफ्तार 170 किमी/घंटा तक पहुंचती है, तो ड्राइवर को ट्रैफिक पुलिस स्टेशन भेजा जा सकता है और वाहन जब्त हो सकता है। वहीं 200 किमी/घंटा या उससे ज्यादा की रफ्तार पकड़े जाने पर चालान और गाड़ी जब्ती के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है।
नए कानून और सख्त निगरानी
कुवैत में नया ट्रैफिक कानून (Law No. 5 of 2026) लागू किया गया है। इस नए नियम के तहत जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है और सड़कों पर ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं ताकि किसी भी गलती को तुरंत पकड़ा जा सके।
कुवैत में रहने वाले सभी प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों को भी इन नियमों के प्रति बेहद सतर्क रहना चाहिए। वहां की सरकार अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कोई ढील नहीं दे रही है, जिससे छोटी सी गलती भी नौकरी या रेजिडेंसी के लिए खतरा बन सकती है।