कुवैत और सऊदी अरब के बीच रिश्तों को मजबूत करने और इलाके में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अहम बातचीत हुई है. कुवैत के विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से संपर्क किया. दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हो रही हलचलों और सुरक्षा से जुड़ी बातों पर चर्चा की ताकि शांति बनी रहे.

कुवैत और सऊदी अरब के बीच क्या चर्चा हुई?

20 अप्रैल 2026 को कुवैत के विदेश मंत्री और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के बीच फोन पर बात हुई. इस बातचीत में मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा और हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की गई. इससे पहले 1 अप्रैल को दोनों नेता रियाद में मिले थे और 14 अप्रैल को भी उनके बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें क्षेत्रीय हालातों पर विचार साझा किए गए थे.

क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य देशों की भूमिका

कुवैत की सरकार ने हाल ही में ईरान के हमलों के बाद अपने नागरिकों को सतर्क रहने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी थी. विदेश मंत्री शेख जराह ने इस मामले में ब्रिटेन, ओमान, यूएई और कतर जैसे देशों के साथ भी राजनयिक स्तर पर बातचीत की है. वहीं सऊदी अरब ‘STEP quartet’ यानी सऊदी, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान के साथ मिलकर ईरान-सऊदी संघर्ष को सुलझाने की कोशिश कर रहा है.

प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेषकर भारतीयों के लिए क्षेत्रीय स्थिरता बहुत जरूरी होती है. सऊदी और कुवैत जैसे देशों के बीच लगातार बातचीत से इलाके में शांति बनी रहती है, जिससे वहां नौकरी और व्यापार करने वालों को मानसिक और भौतिक सुरक्षा मिलती है. सरकारों का यह आपसी समन्वय किसी भी बड़े तनाव को रोकने में मदद करता है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.