कुवैत और सऊदी अरब के बीच अब ट्रेनों का सफर शुरू होने वाला है। कुवैत की म्युनिसिपल टेक्निकल कमेटी ने इस बड़े रेल प्रोजेक्ट के रूट को मंजूरी दे दी है। यह रेल लिंक कुवैत को सीधे सऊदी अरब की राजधानी रियाद से जोड़ेगा, जिससे आने वाले समय में यात्रा और व्यापार दोनों आसान हो जाएंगे।

कुवैत-सऊदी रेल लिंक का रूट और मंजूरी

म्युनिसिपल काउंसिल की टेक्निकल कमेटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए रास्ता तय कर लिया है। इंजीनियर मुनिरा अल-आमिर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। यह रेलवे रूट कुवैत की दक्षिण-पश्चिमी सीमा से शुरू होकर अल-शादादिया क्षेत्र तक जाएगा।

  • कुल लंबाई: पूरे GCC रेलवे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 2,177 किलोमीटर होगी।
  • ट्रेन की रफ्तार: पैसेंजर ट्रेनें 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी और मालगाड़ियां 80 से 120 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ेंगी।
  • महत्व: कुवैत चैंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्री के डायरेक्टर जनरल रबाह अल-रबाह ने बताया कि यह प्रोजेक्ट बंदरगाहों, सड़क और हवाई परिवहन को एक साथ जोड़ने वाला बड़ा सिस्टम बनेगा।

GCC रेलवे प्रोजेक्ट की ताज़ा स्थिति

GCC रेलवे अथॉरिटी के डायरेक्टर जनरल मोहम्मद अल-शब्रामी ने पुष्टि की है कि इस पूरे प्रोजेक्ट का 50 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। सभी सदस्य देशों के बीच हुए समझौते के मुताबिक, दिसंबर 2030 तक इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं सऊदी अरब रेलवे (SAR) ने अपने हिस्से के डिजाइन कंसल्टेंसी के लिए 7 मई 2026 को टेंडर जारी किया था, जिसके आवेदन 30 जून 2026 तक लिए जाएंगे।

डिजाइन और बजट का विवरण

इस प्रोजेक्ट के तकनीकी काम के लिए कुवैत के पब्लिक वर्क्स मंत्रालय ने तुर्की की कंपनी Proyapı Mühendislik ve Müşavirlik के साथ 8.1 मिलियन डॉलर का समझौता किया है। यह कंपनी शादादिया से नुवैसीब के बीच 111 किलोमीटर लंबे सेक्शन का डिजाइन तैयार करेगी। इसके अलावा, पहले फेज के विस्तृत अध्ययन और टेंडर दस्तावेजों के लिए 2.426 मिलियन कुवैती दीनार का कॉन्ट्रैक्ट भी मंजूर किया गया है।

मुख्य विवरण जानकारी
टारगेट पूरा होने की तारीख दिसंबर 2030
डिजाइन कंपनी Proyapı (तुर्की)
पैसेंजर ट्रेन स्पीड 220 किमी/घंटा
कुल ट्रैक लंबाई 2,177 किमी
कुवैत सेक्शन लंबाई 111 किमी (शादादिया से नुवैसीब)

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत-सऊदी रेलवे प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा

GCC रेलवे अथॉरिटी के अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर 2030 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

ट्रेन की रफ्तार कितनी होगी

इस रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें 220 किमी प्रति घंटे और मालगाड़ियां 80 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।