Kuwait New Rule: कुवैत जाने वाले प्रवासियों के लिए बड़ा बदलाव, अब नौकरी मिलने से पहले देना होगा स्किल टेस्ट.

कुवैत सरकार ने देश में नौकरी की तलाश कर रहे विदेशी नागरिकों और प्रवासियों के लिए एक नया और कड़ा नियम लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अब कुवैत जाने वाले कामगारों को देश से बाहर ही अपनी स्किल और योग्यता का टेस्ट पास करना होगा। इस बड़े बदलाव से उन लाखों भारतीय युवाओं पर सीधा असर पड़ेगा जो प्राइवेट, कंस्ट्रक्शन, टेक्निकल और सर्विस सेक्टर में नौकरी के लिए कुवैत जाने का सपना देखते हैं। कुवैत सरकार इस कदम से फर्जी और अयोग्य लोगों की भर्ती पर पूरी तरह रोक लगाना चाहती है ताकि सही काम करने वाले लोगों को ही सही नौकरी मिल सके।
कुवैत और सऊदी अरब के बीच हुआ बड़ा समझौता
पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर यानी PAM ने कुवैत के गृह मंत्रालय के साथ मिलकर सऊदी अरब की मशहूर कंपनी Takamol Holding के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नए समझौते का मुख्य मकसद प्रवासी कामगारों के प्रोफेशनल कौशल को मानकीकृत करना है ताकि किसी भी वर्कर को कुवैत पहुंचने से पहले ही परखा जा सके। PAM की डायरेक्टर जनरल इंजीनियर रबाब अल-ओसैमी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य एक ऐसा सिस्टम तैयार करना है जो कुवैत आने वाले हर मजदूर की काबिलियत को पहले ही माप सके। इससे उन लोगों की भर्ती रुक जाएगी जिनकी प्रैक्टिकल स्किल या डिग्री उस काम से मेल नहीं खाती जिसके लिए उन्हें काम पर रखा गया है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम और क्या है ताकामोल की तैयारी
ताकामोल होल्डिंग के सीईओ अहमद अल-यामानी ने जानकारी दी कि इस सहयोग की शुरुआत एक साझा कुवैتی प्रोफेशनल गाइड को बनाने से होगी। यह गाइड लेबर मार्केट की जरूरतों के हिसाब से सभी नौकरियों और जरूरी स्किल का एक ढांचा तैयार करेगी, जिसके आधार पर आगे चलकर टेस्ट और सर्टिफिकेट देने का काम किया जाएगा। आपको बता दें कि ताकामोल कंपनी इस समय विभिन्न लेबर-एक्सपोर्ट करने वाले देशों में लगभग 200 वर्कर टेस्टिंग सेंटर चला रही है। यह कंपनी अब तक गल्फ देशों में जाने वाले कामगारों के लिए लगभग 1.5 मिलियन यानी 15 लाख टेस्ट ले चुकी है और दुनिया भर के 160 देशों में सर्टिफिकेट व स्किल वेरीफिकेशन की सेवाएं देती है।
भारतीय कामगारों और रिक्रूटमेंट पर इसका क्या असर होगा
इस नए बदलाव का सीधा असर भारत से कुवैत जाने वाले कामगारों पर पड़ेगा जो कंस्ट्रक्शन, तकनीकी कामों और सर्विस सेक्टर से जुड़े हैं। हालांकि, PAM ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि किस-किस पेशे या किस देश के नागरिकों को इसमें पहले प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, अभी तक इस नई व्यवस्था को लागू करने की कोई तारीख तय नहीं की गई है और फिलहाल यह टेस्ट देना अनिवार्य नहीं किया गया है। लेकिन आने वाले समय में जो भी उम्मीदवार कुवैत में नौकरी पाना चाहेंगे, उन्हें अपने ट्रेड सर्टिफिकेट, प्रोफेशनल योग्यता और प्रैक्टिकल स्किल टेस्ट पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
वीज़ा धोखाधड़ी और गलत जॉब मैचिंग पर लगेगी लगाम
कंपनियों और रिक्रूटमेंट एजेंसियों के लिए भी अब कामगारों का चुनाव करना पूरी तरह योग्यता आधारित हो जाएगा। कुवैत सरकार का यह कदम देश में लेबर रिक्रूटमेंट प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इस पहल के जरिए वीज़ा ट्रैफिकिंग और गलत नौकरी मिलने जैसी समस्याओं को आसानी से कम किया जा सकेगा। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कुवैत के नियोक्ताओं को उनकी जरूरत के हिसाब से पूरी तरह स्किल्ड और योग्य कामगार ही मिल सकें।