कुवैत में सुरक्षा स्थिति को लेकर गृह मंत्रालय ने बड़ी जानकारी साझा की है। मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल नासिर बौसलीब ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से स्थिर और मजबूत है। हाल के दिनों में विदेशी हमलों को नाकाम करने के लिए की गई डिफेंस इंटरसेप्शन की कार्रवाई की वजह से कुछ इलाकों में मलबा गिरा है, जिसे विस्फोटक निस्तारण टीमें सुरक्षित तरीके से हटा रही हैं।

कुवैत में हाल ही में हुई मलबे गिरने की घटनाओं का ब्यौरा क्या है?

अप्रैल के शुरुआती दिनों में कुवैत के अलग-अलग इलाकों में मलबे गिरने की कई रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। यह सारा मलबा डिफेंस सिस्टम द्वारा हमलों को हवा में ही नष्ट करने के बाद नीचे गिरा है। सुरक्षा अधिकारियों ने पिछले कुछ दिनों का डेटा इस प्रकार साझा किया है:

तारीख (2026) मलबे गिरने की रिपोर्ट सायरन अलर्ट की संख्या
3 अप्रैल 9 घटनाएं 5 बार
2 अप्रैल 11 घटनाएं जानकारी उपलब्ध नहीं
1 अप्रैल 13 घटनाएं जानकारी उपलब्ध नहीं

ईरानी हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक मलबे गिरने की कुल 649 घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं और अब तक कुल 164 बार चेतावनी सायरन बजाए गए हैं।

प्रशासन ने आम जनता और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश दिए हैं?

कुवैत गृह मंत्रालय, आर्मी और नेशनल गार्ड की टीमें मिलकर इन हालातों को संभाल रही हैं। मंत्रालय ने आम जनता और कुवैत में रहने वाले प्रवासियों को कुछ जरूरी सलाह दी है:

  • किसी भी जगह गिरे हुए मलबे या संदिग्ध वस्तु के पास जाने की कोशिश न करें।
  • ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें ताकि एक्सपर्ट्स उसे हटा सकें।
  • सुरक्षा टीमों के काम में किसी भी तरह की बाधा न डालें।
  • अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन घटनाओं में किसी भी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। केवल कुछ जगहों पर मामूली संपत्ति का नुकसान हुआ है। सुरक्षा बल देश की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे तैनात हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.