कुवैत में नकली नागरिकता और पहचान बदलने के गंभीर मामले में सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कुवैत के लोक अभियोजक (Public Prosecution) ने देश के जाने-माने अरबपति महमूद हैदर (Mahmoud Haidar) और उनके परिवार की करीब 1.6 अरब डॉलर की संपत्ति को कुर्क यानी ज़ब्त करने का आदेश दिया है। इस बड़े फैसले के बाद कुवैत के व्यापारिक और वित्तीय जगत में हड़कंप मच गया है। सरकार के इस कदम को देश में अवैध रूप से नागरिकता हासिल करने वालों के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।

कौन हैं महमूद हैदर और उन पर क्या हैं आरोप?

सरकारी जांच और रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी का असली नाम महमूद हाजी बदीई है और वह मूल रूप से ईरान का नागरिक है। उस पर आरोप है कि उसने एक असली कुवैती नागरिक महमूद हाजी हैदर अब्दुल्ला की पहचान चुराकर धोखाधड़ी से कुवैती नागरिकता हासिल की थी। इस खुलासे के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इसके तहत उनके परिवार की रियल एस्टेट, कंपनियों के शेयर, व्यावसायिक निवेश और बैंक खातों को पूरी तरह से सीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई का असर कुवैत शेयर बाजार (Kuwait Bourse) पर भी देखा गया, जहां उनकी कंपनियों से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली हुई है।

कुवैत सरकार की इस सख्त कार्रवाई के पीछे क्या वजह है?

कुवैत के उप प्रधानमंत्री, रक्षा और गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ की अगुवाई में अवैध रूप से नागरिकता हासिल करने वालों के खिलाफ एक देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का साफ कहना है कि धोखाधड़ी से हासिल की गई कोई भी नागरिकता मान्य नहीं होगी। कुवैत के नागरिकता कानून की धारा 21 और धारा 11 के तहत फर्जी दस्तावेजों के सहारे नागरिकता लेना और दोहरी नागरिकता रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है। इसी कड़ी में हाल ही में 28 अन्य लोगों की नागरिकता भी रद्द की गई है। कुवैत की अदालत ने भी साफ कर दिया है कि नागरिकता से जुड़े फर्जीवाड़े के मामलों में समय बीतने के बाद भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

महमूद हैदर की किन-किन संपत्तियों पर रोक लगाई गई है?

आरोपी महमूद हैदर और उनके परिवार के सभी बैंक खाते, रियल एस्टेट संपत्तियां, व्यावसायिक निवेश और शेयर बाजार की हिस्सेदारी को ज़ब्त किया गया है, जिसकी कुल कीमत करीब 1.6 अरब डॉलर है।

क्या कुवैत में नागरिकता जांच का कोई विशेष अभियान चल रहा है?

हां, कुवैत के गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ के नेतृत्व में एक विशेष समिति नागरिकता के दस्तावेजों की जांच कर रही है और दोहरी नागरिकता रखने वालों व फर्जीवाड़ा करने वालों की नागरिकता रद्द की जा रही है।