कुवैत में पिछले 24 घंटों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी हलचल रही क्योंकि आसमान से गिरने वाले मलबे की 9 नई रिपोर्ट सामने आई हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता Nasser Bousleib ने बताया कि कुवैत की एयर डिफेंस टीम लगातार विदेशी ड्रोन और मिसाइल हमलों का जवाब दे रही है। सुरक्षा कारणों से पूरे शहर में सायरन बजाए गए और लोगों को मोबाइल पर अलर्ट भेजकर सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

कुवैत में सुरक्षा को लेकर ताजा स्थिति क्या है?

कुवैत के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों में शरापनेल यानी धमाके के बाद गिरने वाले मलबे की 9 रिपोर्ट मिली हैं। Brigadier General Nasser Bousleib के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां अब तक कुल 640 ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई कर चुकी हैं। कुवैती एयर डिफेंस इस समय दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही नाकाम करने में जुटा है। आम जनता की सुरक्षा के लिए मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजे जा रहे हैं और खतरे के समय सायरन बजाकर लोगों को सावधान किया जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं का पूरा ब्यौरा

कुवैत में जारी इन हमलों और सेना की कार्रवाई से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:

  • 3 अप्रैल 2026: पिछले 24 घंटे में मलबे गिरने की 9 नई शिकायतें दर्ज की गईं।
  • 2 अप्रैल 2026: बम निरोधक दस्ते ने 11 अलग-अलग जगहों पर गिरे मलबे को साफ किया।
  • 1 अप्रैल 2026: आर्मी और नेशनल गार्ड की टीमों ने कुल 13 रिपोर्ट पर काम किया था।
  • नुकसान: इससे पहले 4 मार्च को मलबे की चपेट में आने से एक 11 साल की बच्ची की मौत हो गई थी।

ईरान की ओर से हो रहे इन हमलों को देखते हुए कुवैत की सेना और नेशनल गार्ड की टीमें हाई अलर्ट पर हैं। विस्फोटक निरोधक दस्ता लगातार उन इलाकों की जांच कर रहा है जहां से मलबे गिरने की खबर मिल रही है। सरकार ने अवैध हथियार जमा करने की समय सीमा भी खत्म कर दी है।

प्रवासियों और भारतीय नागरिकों के लिए क्या निर्देश हैं?

कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सुरक्षा एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। सायरन बजने पर घबराने के बजाय सुरक्षित ठिकानों पर जाना सबसे बेहतर है। ड्रोन और मिसाइल हमले के कारण होने वाला मलबा जानलेवा साबित हो सकता है इसलिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें और सरकारी आदेशों पर नजर रखें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.