कुवैत सरकार ने टैक्स चोरी रोकने और पैसों के लेन-देन में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेरिस में OECD मुख्यालय में दो अहम अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे अब टैक्स चोरी करने वालों और वित्तीय धोखाधड़ी करने वालों की पकड़ आसान होगी।

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कुवैत के वित्त मंत्रालय की अंडरसेक्रेटरी Asil Al-Munaifi ने इन समझौतों पर साइन किए। इन समझौतों का मुख्य मकसद दुनिया भर में टैक्स के नियमों को लागू करना और यह पक्का करना है कि कोई भी कंपनी या व्यक्ति टैक्स चोरी न कर सके।

क्या हैं ये नए समझौते

पहले समझौते (CbC-R MCAA) के तहत अब बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की वित्तीय रिपोर्ट टैक्स अधिकारियों के बीच अपने आप साझा की जाएंगी। इसमें कंपनियों की कमाई, मुनाफे और टैक्स से जुड़ी पूरी जानकारी होगी। दूसरे समझौते (CRS MCAA 2.0 Addendum) के जरिए वित्तीय खातों की जानकारी साझा करने के नियमों को और सख्त बनाया गया है।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह कदम BEPS फ्रेमवर्क के तहत उठाया गया है। इसके लिए कुवैत ने अपने देश के कानूनों में भी बदलाव किए हैं। 29 सितंबर 2024 से नए कानूनी बदलाव लागू हुए हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया जा सके।

टैक्स नियमों में बड़े बदलाव

सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं। कानून 6/2024 के तहत अब नियमों का पालन न करने वालों पर जुर्माना और पेनल्टी लगाई जाएगी। साथ ही, 9 दिसंबर 2024 को एक ड्राफ्ट कानून जारी किया गया जिसमें 15% डोमेस्टिक मिनिमम टॉप-अप टैक्स (DMTT) का प्रावधान रखा गया है।

कुवैत ने अक्टूबर 2024 में ‘एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन ऑन रिक्वेस्ट’ (EOIR) के पहले चरण के अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन को भी सफलतापूर्वक पास कर लिया है।

तारीख/समय महत्वपूर्ण अपडेट
15 नवंबर 2023 कुवैत OECD/G20 BEPS फ्रेमवर्क में शामिल हुआ
8 जुलाई 2024 टैक्स जानकारी साझा करने के लिए डिक्री नंबर 6 जारी
29 सितंबर 2024 कानूनी ढांचे में नए बदलाव लागू हुए
अक्टूबर 2024 EOIR अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन का पहला चरण पास किया
9 दिसंबर 2024 15% डोमेस्टिक मिनिमम टॉप-अप टैक्स का ड्राफ्ट जारी
20 अप्रैल 2026 MCAA और CRS के लिए डिक्री-लॉ जारी हुआ
22 जून 2026 OECD मुख्यालय में दो अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर साइन हुए