कुवैत में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार, 16 मार्च 2026 को पूरे देश में एयर रेड सायरन बजाए गए। कुवैत की सेना और नेशनल गार्ड ने पिछले 24 घंटों में 11 दुश्मन ड्रोन्स को मार गिराने में सफलता पाई है। क्षेत्रीय तनाव के चलते प्रशासन ने लोगों से सावधान रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

सेना ने आसमान में की कार्रवाई, मिसाइल और ड्रोन किए ढेर

कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने बाहरी खतरों का डटकर मुकाबला किया। पिछले 24 घंटों के दौरान Kuwait National Guard ने 7 और Kuwait Armed Forces ने 4 दुश्मन ड्रोन्स को आसमान में ही नष्ट कर दिया। धमाकों की आवाज़ें इन्हीं ड्रोन्स को हवा में मार गिराने के कारण सुनी गई थीं।

गृह मंत्रालय (MoI) की टीमों ने अलग-अलग इलाकों से गिरे हुए मलबे की 12 शिकायतों पर कार्रवाई की है। अहमद अल-जाबेर एयरबेस के पास भी दो मिसाइलें गिरीं, जिसमें तीन सैनिक घायल हुए हैं। इसके अलावा कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा बल चौबीसों घंटे देश की सीमाओं की निगरानी कर रहे हैं।

सायरन बजने पर क्या करें? प्रशासन ने जारी किए ये कड़े नियम

कुवैत सरकार ने नागरिकों और प्रवासियों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। इसमें सायरन की अलग-अलग आवाजों के बारे में विस्तार से समझाया गया है। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक मीडिया जैसे KUNA या कुवैत टीवी की खबरों पर ही भरोसा करें। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • रुक-रुक कर बजने वाला सायरन: इसका मतलब है कि खतरा करीब है, तुरंत बेसमेंट या शेल्टर में जाएं।
  • उतार-चढ़ाव वाला सायरन: इसका मतलब है कि खतरा अभी चल रहा है, खिड़कियों से दूर रहें।
  • लगातार बजने वाला सायरन: यह खतरा टल जाने का संकेत है।

सुरक्षा के मद्देनजर सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति घटाकर 30% कर दी गई है। सभी स्कूलों और कॉलेजों में Distance Learning यानी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। सार्वजनिक समारोहों और नाटकों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.