Kuwait में गूंजे सायरन, सेना हाई अलर्ट पर, ड्रोन हमले के बाद फ्लाइट्स सस्पेंड
Kuwait में सुरक्षा को लेकर हालात काफी गंभीर बने हुए हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में सायरन बजने के बाद Kuwaiti Armed Forces को हाई अलर्ट पर रखा गया है. हाल ही में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद रक्षा मंत्रालय ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी सभी यूनिट्स को पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश दिया है. सेना इस समय कॉम्बैट रेडीनेस यानी युद्ध के स्तर की तैयारी पर है.
एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला और मिसाइल अलर्ट
बीते 24 घंटों में Kuwait Air Defense ने कई हवाई हमलों का सामना किया है. इन हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. हमले के कारण फ्लाइट्स पूरी तरह सस्पेंड हैं और Jazeera Airways सेफ्टी क्लियरेंस का इंतजार कर रही है. हालिया हमलों के कुछ मुख्य डेटा इस प्रकार हैं:
- कुल 7 बैलिस्टिक मिसाइल डिटेक्ट की गईं, जिनमें से 3 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया.
- 5 ड्रोन का पता चला, जिनमें से 2 को मार गिराया गया.
- Kuwait International Airport के पास दो ड्रोन गिरने से फ्यूल टैंक में धमाका हुआ.
- कुवैत सिटी में पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी की बिल्डिंग पर भी एक ड्रोन टकराया.
आम लोगों और प्रवासियों के लिए सिविल डिफेंस के निर्देश
कुवैत में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सिविल डिफेंस और गृह मंत्रालय ने कड़े नियम जारी किए हैं. अधिकारियों ने बताया है कि सायरन की आवाज को समझना बहुत जरूरी है. अगर सायरन रुक-रुक कर बजता है, तो इसका मतलब है कि कोई बड़ा खतरा आने वाला है. ऐसे समय में लोगों को तुरंत घर के अंदर चले जाना चाहिए, गैस-बिजली बंद कर देनी चाहिए और लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. वहीं, अगर सायरन लगातार बजता है, तो इसका मतलब है कि खतरा टल गया है और हालात सामान्य हैं.
बॉर्डर और एंबेसी से जुड़े अहम अपडेट्स
Ministry of Defense के प्रवक्ता Brigadier General Saud Al-Otaiban ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि लोग सिर्फ आधिकारिक न्यूज एजेंसी KUNA पर ही भरोसा करें. इस बीच सुरक्षा कारणों से अमेरिकी एंबेसी ने अपने कामकाज रोक दिए हैं. जो विदेशी नागरिक देश से बाहर जाना चाहते हैं, उनके लिए अब Saudi Arabia का जमीनी बॉर्डर ही मुख्य रास्ता बचा है. इसके अलावा, जो सरकारी कर्मचारी विदेश में फंसे हैं या ड्यूटी पर नहीं आ सकते, सरकार ने उन्हें काम से छूट दी है.





